अमृतसर: दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके घर अफसोस के लिए जाने को अपनी गलती बताते हुए शनिवार को श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर क्षमा याचना की। बिधूड़ी ने श्री अकाल तख्त साहिब में नतमस्तक होकर गुरु साहिब से क्षमा मांगी और बाद में सचिवालय में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से मुलाकात कर अपना क्षमा-याचना पत्र सौंपा।
बिधूड़ी ने इससे पहले 5 सितंबर 2026 को लिखित रूप में भी श्री अकाल तख्त साहिब को क्षमा-याचना भेजी थी। अपने पत्र में उन्होंने कहा था कि वह 1984 के सिख-विरोधी दंगों के मामले में सज्जन कुमार के खिलाफ हमेशा बोलते रहे हैं और उनके घर अफसोस के लिए जाना उनकी भूल थी।
‘सज्जन कुमार के प्रति कोई सहानुभूति नहीं थी’
बिधूड़ी ने अपनी क्षमा-याचना में अपने पुराने राजनीतिक रुख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1993 में उन्होंने अन्य नेताओं के साथ तत्कालीन राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर सज्जन कुमार और एचकेएल भगत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने 1996 में भी कांग्रेस के एक कार्यक्रम में सज्जन कुमार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आवाज उठाने का दावा किया।
जत्थेदार ने कहा—गलती का अहसास कर माफी मांगना अच्छी बात
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने अपनी गलती का अहसास करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब से क्षमा याचना की है, यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि अन्य राजनीतिक नेताओं को भी इस घटनाक्रम से सीख लेनी चाहिए।
इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के प्रधान परमजीत सिंह सरना भी श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में मौजूद रहे। सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके घर जाने वाले तीन भाजपा सांसदों को लेकर पहले भी विवाद सामने आया था।
