समय पर बिल पास न होने से अनाथ बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा विपरीत असर : डॉ. जनक राज

by

अनाथ बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार उठाए उचित कदम :  डॉ जनक राज

एएम नाथ। चम्बा :  विधायक डॉ. जनक राज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत सहायता प्राप्त करने वाले बेसहारा बच्चों की शिक्षा पर संकट मंडराने लगा है। संबंधित शिक्षण संस्थानों या निजी संस्थाओं के बिलों का भुगतान समय पर न होने के कारण इन बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे सरकारी दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
डॉ. जनक राज ने कहा कि सुख आश्रय योजना का उद्देश्य अनाथ, अर्ध-अनाथ, निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” (राज्य के बच्चे) का दर्जा देकर उनकी शिक्षा, कौशल विकास, गृह निर्माण और विवाह आदि में सहायता करना है। मगर समय पर बिल पास न होने के कारण, बच्चों की पढ़ाई, कोचिंग और निजी संस्थानों से जुड़ी गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी लेने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए इस योजना को एक बड़ी मानवीय पहल बताया था। योजना के अंतर्गत, 27 वर्ष की आयु तक के पात्र बच्चों को हर महीने सामाजिक सुरक्षा राशि, ट्यूशन फीस, कोचिंग, मकान बनाने के लिए अनुदान और विवाह के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है। डॉ. जनक राज ने कहा कि उनकी विधानसभा क्षेत्र भरमौर पांगी से कई बच्चों के फोन आ रहे हैं कि उनको समय पर पैसे नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. जनक ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि ऐसे बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें जल्द से जल्द धनराशि उपलब्ध करवाई जाए।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

आतंकवाद पर राष्ट्रहित में उठाए हर निर्णय में कांग्रेस केंद्र सरकार के साथ- मुकेश अग्निहोत्री

रोहित जसवाल।  ऊना, 24 अप्रैल. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि आतंकवाद पर राष्ट्रहित में उठाए हर निर्णय में कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार के साथ है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

दो मर्द मिलकर पैदा कर सकेंगे बच्चे!… चीन में वैज्ञानिकों को कैसे मिली ऐतिहासिक कामयाबी

क्या दो पुरुष बच्चे को जन्म दे सकते हैं? क्या बिना मां के बच्चे का जन्म मुमकिन है? वैसे देखा जाए तो वर्षों से वैज्ञानिक दावा करते रहे हैं कि ऐसा संभव है, लेकिन...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हरोली में स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय का DC जतिन लाल ने किया निरीक्षण : गैर आवासीय प्रशिक्षण केंद्र गुगलैहड़ का किया लोकार्पण

ऊना, 21 अक्तूबर. उपायुक्त जतिन लाल ने सोमवार को गगरेट ब्लॉक के गुगलैहड़ में नवस्थापित गैर आवासीय प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें जीवन...
article-image
हिमाचल प्रदेश

काजल बनी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली में नर्सिंग ऑफिसर

एएम नाथ ।  जयसिंहपुर :  चम्बी गाँव की काजल ने नॉर्सेट (NORSET 9) परीक्षा पास कर देश भर में 245 वा रैंक हासिल किया है । काजल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली में बतौर...
Translate »
error: Content is protected !!