सरकार की नाकामी की कीमत क्यों चुकाएं प्रदेश के मरीज : मात्र 10% फीसदी हिस्सा देने की बजाय लोगों की जान आफ़त में डाल रही सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर

by

मरीजों की जांच दरें बढ़ाने की योजना पर बोले नेता प्रतिपक्ष

मित्रों के खर्च पर लगाम लगाए सरकार

एएम नाथ। कांगड़ा : पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार के लिए प्रदेश के बीमार लोग ही सबसे आसान शिकार है जब चाहे उनके खिलाफ कोई भी फैसला कर लो। केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित “फ्री डायग्नोस्टिक इनिशिएटिव सर्विस” के तहत प्रदेश के सभी अस्पतालों में मरीजों को नि:शुल्क जांच की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत हिमाचल को कुल खर्च का 10% हिस्सा ही वहन करना पड़ता है 90% केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता है। अब सुक्खू सरकार की इन पर भी नज़र टेढ़ी कर दी है। अस्पताल में जांच के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। एक वेलफेयर स्टेट होने के नाते राज्य सरकार के जिम्मेदारी होती है कि वह अपने जरूरतमंद लोगों की मदद कर सके। यह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करवाये हैं लेकिन सुक्खू सरकार पीछे हट रही है। एक बीमार से ज्यादा जरूरत मंद और कौन होता है? लेकिन आर्थिक तंगी के नाम पर सरकार हर बार स्वास्थ्य सुविधाओं को छीनने का ही काम करती है। एक तरफ केंद्र की सरकार देश से 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा के बाहर निकालती है तो प्रदेश में सुख की सरकार प्रदेश की 75 लाख की आबादी से निःशुल्क जांच का आधिकार छीन रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पूरा वित्तीय अनुशासन और बुद्धिमता सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाओं को छीनने में ही दिखाई देती है। अब मुख्यमंत्री द्वारा मात्र 10% हिस्सा न देने के कारण प्रदेश के लोगों से निशुल्क जांच की सुविधा लगातार प्रभावित हो रही है। जबकि पिछले एक हफ्ते में ही उन्होंने अधिकारियों के इंटरनेट भत्ता और अपने एक मित्र को एक बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है। पंचायत चुनाव समय से न करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया आया है। सरकार ने सलाहकारों की फौज खड़ी करने में कोई कसर नहींछोड़ी है। प्रदेश पर असंवैधानिक सीपीएस थोपे। उन्हें बचाने के लिए करोड़ों रुपए वकीलों पर लुटाए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के खर्चों पर कोई नियंत्रण करने की बजाय मुख्यमंत्री हमेशा आम आदमी को ही शिकार बनाते हैं। पहले बीमार लोगों के लिए वरदान साबित हुई हिम केयर को बंद किया, जिससे लोगों को अपना इलाज करने के लिए कर्ज लेने पर मजबूर होना पड़ा। अब सरकार केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित नि:शुल्क जांच को बंद करने और बाकी जांचों के दाम बढ़ाने का फरमान सुना रही है जो पहले से ही बीमारी का दर्द झेल रहे लोगों के लिए किसी कुठाराघात से कम नहीं होगा। प्रदेश का आम आदमी सुख की सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का दर्द क्यों झेले? मुख्यमंत्री अपने मित्रों के बेहिसाब खर्चे पर लगाम लगाएं। सरकार मरीजों के साथ यह अन्याय बंद करे। सुख की सरकार द्वारा बीमार लोगों को परेशान करने के हर कृत्य की जितनी निंदा की जाए वह कम है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

सोलन नगर निगम में महापौर एवं उप महापौर का निर्वाचन सम्पन्न

सोलन ‘ : सोलन नगर निगम में महापौर एवं उप महापौर का निर्वाचन आज सम्पन्न हो गया। यह जानकारी आज यहां प्राधिकृत अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव ने दी। अजय यादव ने...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मॉनसून सत्र में आपदा से तबाही पर चर्चा : आमने-सामने हुए जयराम ठाकुर और सीएम सुक्खू

एएम नाथ । शिमला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। विधानसभा के पूर्व सदस्य गणेश दत्त भरवाला की मृत्यु पर शोक प्रकट करने के बाद विपक्ष ने...
article-image
हिमाचल प्रदेश

विधायक विवेक शर्मा ने बंगाणा में नए बस अड्डे के लिए भूमि के शीघ्र चयन के दिए निर्देश : अधिकारियों संग बैठक में की विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

रोहित भदसाली।  ऊना, 13 सितंबर. कुटलैहड़ विधानसभा के विधायक विवेक शर्मा ने अपने विधानसभा क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को उपायुक्त ऊना जतिन लाल और विभिन्न...
article-image
हिमाचल प्रदेश

*भवन मैप स्वीकृति में आ रही अड़चनों का मौके पर होगा समाधान, नगर निगम ऊना में हर सोमवार लगेगा विशेष शिविर*

*नक्शा अप्रूवल प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में अहम पहल* रोहित जसवाल।ऊना, 21 जुलाई. नगर निगम ऊना ने भवन निर्माण से जुड़ी नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, समयबद्ध और...
Translate »
error: Content is protected !!