हवन यज्ञ व भंडारे के साथ हुआ श्रीमद भागवत कथा का समापन : श्रीमद भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते और इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते –  श्री आनंद जी महाराज बृंदावन धाम

by

गढ़शंकर :  माता नैना देवी मंदिर, झोनोवाल में चल रही भागवत कथा संपन्न हो गई। श्रीमद भागवत कथा के समापन के अवसर पर हवन यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहले हवन यज्ञ में आहुति डाली और फिर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य कमाया। भागवत कथा का आयोजन माँ नैना देवी समिति ,राकेश कुमार सिमरन और समस्त झल्ली परिवारों की ओर से करवाया गया था। भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ दौरान दौरान कथावाचक श्री आनंद जी महाराज बृंदावन धाम जी ने  भक्तों को 7 दिन श्रीमद भागवत कथा की महिमा बताई। उन्होंने लोगों से भक्ति मार्ग से जुड़ने और सत्कर्म करने को कहा।  श्री आनंद जी महाराज ने कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुर्गुणों की बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीमद भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है।
हवन यज्ञ के समय विशेष तौर पर पहुंचे महाराज संतोष जी, स्वर्ग आश्रम गर्ली परागपुर, हिमाचल प्रदेश का हजारों भक्तों ने फूलों की वर्षा कर स्वागत किया और उनके जयघोषों ने पुरे गांव का माहौल भक्तीमय कर दिया। उन्हीनों भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा के मुक्ति का रास्ता  प्रभु की भक्ति से निकलता है।  इसलिए सभी को आप और आपने बच्चों को भी  प्रभु की भक्ति में लगाना चाहिए। महाराज संतोष जी ने  भंडारे के प्रसाद का भी वर्णन करते हुए कहा कि प्रसाद तीन अक्षर से मिलकर बना है। पहला प्र का अर्थ प्रभु, दूसरा सा का अर्थ साक्षात व तीसरा द का अर्थ होता है दर्शन। जिसे हम सब प्रसाद कहते हैं। हर कथा या अनुष्ठान का तत्वसार होता है जो मन बुद्धि व चित को निर्मल कर देता है। मनुष्य शरीर भी भगवान का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ प्रसाद है। जीवन में प्रसाद का अपमान करने से भगवान का ही अपमान होता है। भगवान का लगाए गए भोग का बचा हुआ शेष भाग मनुष्यों के लिए प्रसाद बन जाता है।
इससे पहले कथा समापन पर विधिविधान से पूजा हवन यज्ञ किया गया और माता नैना देवी में ध्वजारोहण किया गया। जिसके बाद अटूट भंडारा लगाकर प्रसाद बांटा गया।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

वोट डालने में भी महिलाओं ने मारी बाजी : गढ़शंकर नगर कौंसिल चुनाव में 8909 वोट पड़े : 4551 महिलाओं और 4358 पुरषों ने डाले वोट

गढ़शंकर। गढ़शंकर नगर कौंसिल चुनाव में आज हुए मतदान में 13634 वोटरों में से 8909 वोटरों ने वोट डाले। गढ़शंकर शहर में कुल 13634 वोटरों में 6752 महिला वोटर और 6879 पुरष वोटर है।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल के वीर सपूतों मंडी के कैप्टन योगेंद्र सिंह और शिमला के मेजर अंशुल बाल्टू को मिला वीरता सम्मान

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दी बधाई एएम नाथ। शिमला/मंडी :  हिमाचल प्रदेश के लिए यह बेहद गौरवपूर्ण क्षण है जब प्रदेश के दो वीर सपूतों, मंडी ज़िले के जोगिंद्रनगर (ग्राम पंचायत दारट बगला)...
article-image
पंजाब

लोक निर्माण मंत्री ने 9.50 करोड़ रुपए की लागत से दसूहा-कमाही देवी सडक़ का निर्माण कार्य शुरु करवाया : प्रदेश की सडक़ों का कायाकल्प करना पंजाब सरकार की मुख्य प्राथमिकता: हरभजन सिंह ई.टी.ओ

 26 सितंबर 2024 तक पूरा हो जाएगा 20.23 किलोमीटर लंबी इस रोड का निर्माण कार्य होशियारपुर/दसूहा, 06 फरवरी: लोक निर्माण मंत्री व बिजली मंत्री पंजाब हरभजन सिंह ई.टी.ओ ने कहा कि प्रदेश की सडक़ों...
article-image
पंजाब

जिला शहीद भगत सिंह नगर की इकाई का चयन : बहादुर चंद अरोड़ा को जिला अध्यक्ष, एडवोकेट जसप्रीत बाजवा को उपाध्यक्ष, किरण बाला बंगा को महासचिव नियुक्त

शहीद भगत सिंह नगर  : आदर्श सोशल वेलफेयर सोसायटी पंजाब की बैठक जिला चेयरमैन मनमोहन सिंह गुलाटी के नेतृत्व में हुई। जिसमें सोसायटी के संस्थापक अध्यक्ष सतीश कुमार सोनी और महासचिव पंजाब डॉ. हरिकृष्ण...
Translate »
error: Content is protected !!