स्मार्ट क्लासरूम, खेल मैदान, इंडोर स्टेडियम, पौष्टिक भोजन और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं होंगी उपलब्ध
एएम नाथ। शिमला, 10 अगस्त। हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने छह राजकीय स्कूलों को राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल के रूप में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय के तहत प्रदेश के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के छह स्कूलों का चयन किया गया है। सरकार का दावा है कि इन स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध करवाया जाएगा।
इन छह स्कूलों का हुआ चयन
स्तरोन्नयन के लिए चयनित स्कूलों में मंडी जिले के करसोग विधानसभा क्षेत्र का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करसोग (CBSE), रामपुर विधानसभा क्षेत्र का राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामपुर बुशहर (CBSE) और रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र का राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोहड़ू (HPBOSE) शामिल हैं।
इसके अलावा शिमला जिले के चौपाल विधानसभा क्षेत्र का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चौपाल (CBSE), सिरमौर जिले के श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नोहराधार (CBSE) तथा ऊना जिले के ऊना विधानसभा क्षेत्र का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहडाला (HPBOSE) भी इस योजना के तहत स्तरोन्नत किए जाएंगे।
स्मार्ट क्लासरूम से लेकर स्विमिंग पूल तक सुविधाएं
प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल योजना शुरू की है।
इन स्कूलों में विद्यार्थियों को हाईटेक स्मार्ट कक्षाएं, खेल मैदान, इंडोर स्टेडियम, पौष्टिक भोजन और स्विमिंग पूल सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना है।
सरकार का कहना है कि इस पहल से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: सुक्खू
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के लगातार प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2021 में करवाए गए एक सर्वेक्षण में पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में 21वें स्थान पर था। उन्होंने दावा किया कि अब हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
CBSE से सरकारी स्कूलों में बढ़ा विद्यार्थियों का रुझान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में CBSE पाठ्यक्रम शुरू करने के भी उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयासों के चलते निजी स्कूलों से करीब 24 हजार विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया है।
सरकार का कहना है कि मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूलों के विस्तार से सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा और सुविधाओं का दायरा और बढ़ेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकेंगे।
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