हिमाचल में तीन लाख किसान प्राकृतिक तरीके से उगा रहे विविध फसलें : केवल पठानिया

by

लोक लेखा समिति ने प्रवास के दौरान गुजरात के राज्यपाल से की मुलाकात

हिमाचल में प्राकृतिक खेती को लेकर उठाए गए कदमों की दी जानकारी

एएम नाथ। धर्मशाला : हिमाचल विधानसभा की लोक लेखा समिति ने शुक्रवार को अपने गुजरात प्रवास के दौरान गांधीनगर में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात की तथा हिमाचल में प्राकृतिक खेती को लेकर हुए कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। गौरतलब है कि विधानसभा की लोक लेखा समिति अध्यक्ष अनिल शर्मा सहित सदस्यों केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय रत्न, विधायक इंद्र सिंह, बलबीर वर्मा, विधायक डॉ. जनक राज, विधायक जीतराम कटवाल, विधायक मलेंद्र राजन व विधायक कैप्टन रणजीत सिंह विभिन्न विषयों के अध्ययन के लिए गुजरात प्रवास पर है।
विधानसभा के उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि गांधीनगर में राज्यपाल देवव्रत के साथ हिमाचल में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के कदमों की विस्तार yसे जानकारी दी तथा राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती की दिशा में बेहतर कार्य की सराहना भी की गई।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन के माध्यम से प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इस दिशा में आगे बढ़कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ पर्यावरण और सुरक्षित अन्न सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी कृषि जलवायु क्षेत्रों में किसान और बागवान विभिन्न फसलों व फलों को सफलतापूर्वक प्राकृतिक विधि से उगा रहे हैं। प्रदेश में अभी तक 3 लाख 6 हजार किसान बागवानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया गया है। राज्य की 3584 पंचायतों में तीन लाख से अधिक किसान अब 38,437 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक तरीके से विविध फसलें ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती पर विशेष बल दे रहे हैं। प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के उत्पादों को प्राथमिकता के आधार पर खरीदने के साथ, पूरे देश में गेहूँ और मक्का के लिए सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है। प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूँ का समर्थन मूल्य 40 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है जबकि प्राकृतिक खेती से उगाई गई मक्की का समर्थन मूल्य 30 से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। प्राकृतिक खेती से उगाई गई मक्की और गेहूँ को खरीद केंद्रों तक पहुंचाने के लिए 2 रुपये प्रति किलोग्राम ट्रांसपोर्टेशन सब्सिडी की घोषणा की गई है। जबकि प्राकृतिक खेती से उगाई गई कच्ची हल्दी के लिए भी 90 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

चोर ने पेश की मिसाल – चोर ने लौटा दिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स : पर्स से निकाल लिए पैसे

 जलालाबाद :  आपने चोरी के कई किस्से सुने होंगे। एक बार कोई चीज चोरी होने के बाद उसका दोबारा मिलना मुश्किल होता है। कई बार लोगों के पर्स भी चोरी हो जाते हैं। पर्स...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

अगर जिंदा है तो… तो उसका कर देना चाहिए एनकाउंटर : पहलगाम हमले में शामिल आतंकी आदिल की मां ने सुरक्षाबलों से की मांग, ‘

-कश्मीर के पहलगाम हमले में शामिल आतंकी आदिल हुसैन थोकर की मां शहजादा बानो ने कहा है कि अगर उसका बेटा इसमें शामिल है तो उसका एनकाउंटर कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, ”अगर आदिल...
article-image
हिमाचल प्रदेश

नौकरी से होंगे बर्खास्त : नशा तस्करी में शामिल सरकारी कर्मचारियों पर सीएम सुक्खू का बड़ा एक्शन

एएम नाथ। शिमला :  मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नशा कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने नशे के कारोबार में...
हिमाचल प्रदेश

हिम गौरव आईटीआई के युवाओं को नैस्ले इंण्डिया में 16 को, 22 को एनएफएल व बीबीएबी में मिली अप्रिटिंगशिप

ऊना I  लॉकडाऊन के इस समय में यहां कई लोग रोजगार से वेरोजगार हो रहे हैं वहीं सन्तोषगढ स्थित हिमाचल व भारत सरकार द्वारा क्राफट ट्रेनिंग स्कीम के अन्तर्गत संचलित हिम गौरव आई टी...
Translate »
error: Content is protected !!