शिमला में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के बाद जनसभा में सुक्खू और राहुल गांधी पर साधा निशाना; रोजगार, महिलाओं को आर्थिक सहायता और चुनावी गारंटियों पर मांगा जवाब
एएम नाथ। शिमला। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि वर्ष 2027 में हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी और कांग्रेस की सत्ता से विदाई तय है। रविवार को शिमला में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के बाद चौड़ा मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिमला में उमड़ी भीड़ प्रदेश में राजनीतिक बदलाव की इच्छा का संकेत है और अगले वर्ष इसी समय हिमाचल में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा।
ईवीएम पर कांग्रेस के रुख को लेकर उठाए सवाल
सरमा ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस ईवीएम के माध्यम से कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आई, अब उसी मतदान प्रणाली पर सवाल उठा रही है। उन्होंने पूछा कि यदि कांग्रेस को ईवीएम पर भरोसा नहीं है तो सुक्खू उसी चुनाव प्रणाली से मिले जनादेश के आधार पर मुख्यमंत्री क्यों बने हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी जीत होने पर ईवीएम को सही और भाजपा की जीत होने पर गलत बताती है। राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वोट चोरी के आरोप लगाने से पहले उन्हें अपनी चुनावी जीत को लेकर जवाब देना चाहिए।
पांच लाख रोजगार की गारंटी पर घेरा
असम और हिमाचल में रोजगार के मुद्दे की तुलना करते हुए सरमा ने कहा कि असम सरकार ने एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, जबकि उनके अनुसार अब तक 1.07 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने पांच लाख रोजगार देने की गारंटी दी थी। उन्होंने सुक्खू सरकार से सवाल किया कि प्रदेश के कितने युवाओं को रोजगार मिला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने युवाओं को रोजगार का सपना दिखाकर सत्ता हासिल की, लेकिन चुनावी वादे पूरे नहीं किए।
महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी पर भी सवाल
महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के मुद्दे पर सरमा ने कहा कि असम में उनकी सरकार करीब सात लाख महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपये की सहायता दे रही है। इसके विपरीत हिमाचल में कांग्रेस ने महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश की महिलाओं को चुनावी घोषणा के अनुसार कितनी आर्थिक सहायता मिल रही है।
1984 के सिख विरोधी दंगों पर राहुल गांधी से मांगी माफी
सरमा ने 1 नवंबर की तारीख का उल्लेख करते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के लोगों के खिलाफ हिंसा हुई थी। उन्होंने राहुल गांधी से इस घटना को लेकर कांग्रेस की ओर से सार्वजनिक माफी मांगने की बात कही। सरमा ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की बात करने वाली कांग्रेस को अपने राजनीतिक इतिहास से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
एसआईआर और वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस को घेरा
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूचियों को दुरुस्त रखना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए, लेकिन अपात्र मतदाताओं के नामों की पहचान की प्रक्रिया का विरोध नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस को चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा करने की सलाह देते हुए कहा कि हर बार निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
सरमा ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और सरदार वल्लभभाई पटेल के सम्मान में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कांग्रेस पर अपने राजनीतिक इतिहास को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया।
कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर गारंटियों का हिसाब मांगने का आह्वान
सरमा ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनता को कांग्रेस की चुनावी गारंटियों की याद दिलाएं और रोजगार, महिलाओं को आर्थिक सहायता सहित अन्य मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगें। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस के खिलाफ माहौल बन रहा है और 2027 में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
गुरुद्वारा साहिब से चौड़ा मैदान तक निकाली पदयात्रा
भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा पुराने बस स्टैंड स्थित गुरुद्वारा साहिब पार्किंग से शुरू हुई। यह विक्ट्री टनल और विधानसभा मार्ग से होते हुए चौड़ा मैदान पहुंची, जहां जनसभा आयोजित की गई।
इसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर
