₹2,000 से ऊपर UPI पेमेंट पर MDR की आहट, बोले- कारोबारियों पर शुल्क का बोझ अंततः आम आदमी की जेब पर पड़ेगा
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यूपीआई भुगतान को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्रालय ने ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का रास्ता खोल दिया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया कि सरकार चुपचाप यूपीआई पर शुल्क लगाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के लेनदेन संख्या में करीब 5 प्रतिशत हैं, लेकिन यूपीआई की कुल लेनदेन राशि में इनकी हिस्सेदारी लगभग 65 प्रतिशत है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार भले ही आम उपभोक्ताओं से सीधे कोई शुल्क नहीं लेने की बात करे, लेकिन व्यापारियों पर MDR लगाया गया तो उसका असर अंततः वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के जरिए आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। उन्होंने इसे अमेरिकी दबाव से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी हितों के अनुरूप नीति बदलने की दिशा में बढ़ रही है।
विवाद की पृष्ठभूमि में वित्त मंत्रालय का हालिया निर्देश है, जिसमें बैंकों और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स को ₹2,000 तक के यूपीआई भुगतान और रुपे डेबिट कार्ड लेनदेन पर शुल्क नहीं लगाने को कहा गया है। हालांकि, ₹2,000 से अधिक के व्यावसायिक यूपीआई लेनदेन को लेकर आगे की नीति को लेकर स्पष्टता नहीं होने से राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
