अवैध संजौली मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोकने पर 4 महिलाओं सहित 6 पर केस

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एएम नाथ । शिमला। शिमला के उपनगर संजौली में स्थित अवैध मस्जिद में स्थानीय महिलाओं ने शुक्रवार को अन्य राज्यों के लोगों को नमाज पढ़ने से रोक दिया। इसको लेकर खूब हंगामा हुआ। अब हिमाचल प्रदेश पुलिस ने भीड़ के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस थाना संजौली में देवभूमि संघर्ष समिति व भीड़ के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया।

4 महिलाओं सहित छह लोग नामजद

पुलिस ने देवभूमि संघर्ष समिति से जुड़े छह लोगों को नामजद किया है। इसमें देवभूमि संषर्ष समिति के सह संयोजक मदन ठाकुर, विजय शर्मा, कल्पना शर्मा, श्वेता चौहान, शिल्पी और पारुल शामिल हैं। पुलिस की ओर से दर्ज शिकायत में कहा गया है कि शुक्रवार को थाना प्रभारी जसवंत सिंह टीम के साथ बड़ी संजौली मस्जिद में कानून व्यवस्था बनाने के लिए ड्यूटी पर थे। इस दौरान देवभूमि संघर्ष समिति के सदस्य मदन ठाकुर, विजय शर्मा, कल्पना शर्मा, श्वेता चौहान, शिल्पी, पारुल सहित कई लोग वहां जमा हो गए।

धार्मिक तनाव पैदा करने का आरोप

शुक्रवार होने के कारण मुस्लिम लोग नमाज पढ़ने बड़ी संख्या में मस्जिद की ओर जा रहे थे। दोपहर लगभग एक बजकर 25 मिनट पर तीन से चार मुस्लिम लोग मस्जिद की ओर जा रहे थे कि तभी देवभूमि संघर्ष समिति के ये लोग मस्जिद जाने वाले रास्ते पर इकट्ठा होकर खड़े हो गए और लोगों को रास्ते में रोक लिया। रिपोर्ट के अनुसार, देवभूमि संघर्ष समिति के सदस्य नारेबाजी करने लगे और धार्मिक तनाव पैदा करने लगे। पुलिस दल ने समझाने की कोशिश की और शांति बनाए रखने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद ये लोग नमाज पढ़ने के लिए जा रहे लोगों को रोकते रहे।

स्थानीय लोगों को पढ़ने दी थी नमाज

महिलाओं का कहना है कि बाहर से आने वाले लोगों को घरों के आगे से नहीं जाने देंगी। आरोप लगाया कि ये लोग घरों में ताक-झांक करते हैं। महिलाओं ने शिमला के स्थानीय मुस्लिमों को मस्जिद में नमाज पढ़ने दी।

वीरवार को उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

महिलाओं ने इस संबंध में वीरवार को ही उपायुक्त अनुपम कश्यप को ज्ञापन सौंपकर संजौली की अवैध मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में भारत माता की जय के नारे लगाए।

तीन घंटे होती रही दोनों पक्षों में बहस

महिलाओं ने घरों से आगे जाने से मुस्लिमों को रोका तो दोनों पक्षों में दोपहर लगभग 12 से तीन बजे तक बहस होती रही। तनाव बढ़ता देख पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अज्ञात व्यक्ति को घरों के आगे से जाने की अनुमति नहीं देंगे
पारुल वर्मा, श्वेता व कलपी शर्मा का कहना है कि मस्जिद में जाने का रास्ता उनके घर के आगे से बना है। मस्जिद को अदालत ने अवैध घोषित कर गिराने का आदेश दिया है। घरों के आगे से किसी अज्ञात व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रशासन लिखित में दे कि ये लोग दिल्ली जैसी हरकत नहीं करेंगे

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वे लिखित में दें कि ये लोग दिल्ली की तरह कोई हरकत नहीं करेंगे। प्रशासन जिम्मेदारी लेता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की।

सलीम पर सिलेंडर फोड़ने की धमकी का आरोप

महिलाओं ने आरोप लगाया कि मास्टर सलीम नामक व्यक्ति ने छह महीने पहले सिलिंडर फोड़कर जलाने तक की धमकी दी थी, इसकी शिकायत पुलिस में की थी। जब उसने माफी मांगी तो केस नहीं किया था। शुक्रवार को भी सलीम की दुकान के लोगों ने अन्य राज्यों से आए लोगों के साथ आकर हंगामा किया।

इसलिए है महिलाओं को आपत्ति

स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि मस्जिद में जाने वाले लोग उनके घर में ताक-झांक करते हैं। पहले मस्जिद जाने वाले लोग खुले में पेशाब तक करते रहे हैं। इसलिए अन्य राज्यों के लोगों को घरों के आगे से नहीं जाने दिया जाएगा।

हाई कोर्ट पहुंची मस्जिद कमेटी, निचली अदालत के निर्णय को दी चुनौती

संजौली मस्जिद कमेटी ने निचली अदालत के निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दे दी है। मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष लतीफ मोहम्मद ने कहा कि कमेटी न्यायालय में लड़ेगी। यदि सुप्रीम कोर्ट जाने की जरूरत पड़ेगी तो भी पीछे नहीं हटेंगे। किसी भी व्यक्ति को मस्जिद में आने से रोकना गलत है।

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यह है संजौली मस्जिद विवाद

30 अगस्त 2024 को शिमला के मतियाणा में युवकों की पिटाई के बाद संजौली मस्जिद विवाद उठा और हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। 11 सितंबर को मस्जिद कमेटी ने अवैध बताए जा रहे हिस्से को हटाने की पेशकश की थी। पांच अक्टूबर, 2024 को नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलें तोड़ने को स्वीकृति दी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से भी मुस्लिम समुदाय के पक्ष में निर्णय नहीं आया था। चुनौती देने वाली याचिका अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायालय ने 30 नवंबर, 2024 को खारिज कर दी थी। इसके बाद तीन मई को नगर निगम के आयुक्त कोर्ट ने नीचे की दो मंजिलों को भी अवैध घोषित कर गिराने का आदेश दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष की निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका को 30 अक्टूबर को खारिज कर दिया था।

 

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