‘ मावां धियां सत्कारयोग योजना ‘ का काम सरकार करवाना चाहती है तो आंगनवाड़ी वर्करों के लिए खरीदे गए मोबाइल फोन तुरंत दें : लखविंदर कौर नवांशहर
नवांशहर। आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन (सीटू) जिला शहीद भगत सिंह नगर के यूनिट द्वारा जिला प्रधान बलजीत कौर मुल्लपुरी की अगुवाई में जिला डिप्टी कमिश्नर शहीद भगत सिंह नगर के दफ्तर के सामने रोष प्रदर्शन करते हुए धरना लगाया गया और कहा आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन पंजाब (सीटू) जनता के सामने आम आदमी पार्टी का चेहरा उजागर करते हुए रोष प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान जिला प्रधान बलजीत कौर मुल्लपुरी ने कहा कि हम डिप्टी कमिश्नर के ध्यान में लाना चाहते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा आंगनवाड़ी वर्करों को साल 2018 में मोबाइल दिए जाने थे जो पंजाब में नहीं दिए गए। इसके पांच साल बाद फिर से फोन दिए जाने थे, जिनका पूरा पैसा भारत सरकार ने पंजाब सरकार को दे दिया है, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा आठ साल बाद मोबाइल फोन खरीदे गए हैं जो जिला प्रोग्राम अफसर शहीद भगत सिंह नगर के पास पहुंच चुके हैं, परंतु आंगनवाड़ी वर्करों को नहीं दिए जा रहे।
उन्होनों कहा कि हमें पता चला है कि ये मोबाइल फोन आंगनवाड़ी वर्करों को देने की बजाय बीएलओ, ड्रग्स सर्वे आदि कामों के लिए अन्य कर्मचारियों को पांच-छह महीनों के लिए दिए जा रहे हैं, जो बहुत गलत है क्योंकि आंगनवाड़ी वर्कर का उन्हीनों ने कहा कि आंगनवाड़ी वर्करों को मोबाइल भत्ता सालाना 2000 रुपये है, जो केवल 28 दिन का ही रिचार्ज होता है। इससे 13 महीने बनते हैं, जिससे एक महीने के 153.84 रुपये बनते हैं। इतने कम पैसों में कोई भी कंपनी फोन का रिचार्ज नहीं करती। फिर भी आंगनवाड़ी वर्कर लंबे समय से अपने निजी फोन से पोषण ट्रैक ऐप में होने वाले काम जैसे सेंटर खोलना, बच्चों की हाइट-वेट, बच्चों की हाजिरी लगाना, बच्चों का नाश्ता और टीएचआर निकालना, इवेंट बनाकर फोन पर भरना कर रही हैं।
जिला जनरल सेक्रेटरी लखविंदर कौर नवांशहर ने बताया कि हम जिला स्तर पर आज डीसी साहब से हम मांग कर रहे है कि सरकार द्वारा आए फोन जो पहले ही देर से आए हैं, उन्हें आंगनवाड़ी बर्कर्स को दिए जाए। उन्हीनों कहा कि सेनेटरी पैड के लिए अलग से ‘एम सेवा ऐप’ डाउनलोड करके चलाना होगा। इसके अलावा पहले और दूसरे बच्चे वाली महिलाओं के लिए चल रही मातृव वंदना योजना के फॉर्म भरने के लिए ‘पीएमबी बाई’ ऐप डाउनलोड करके उस पर काम करना है। यह एप निजी फोनों पर डाउनलोड कर चलाना बड़ा मुश्किल काम है। आंगनवाड़ी वर्कर पहले से ही इतने काम कर रही हैं, पर यदि और इस तरह के काम सौंपे गए तो जो निजी मोबाइल फोनों में और ज्यादा एप डाउनलोड करने ही असंभव है और न ही आंगनवाड़ी वर्कर के पास दूसरा फोन खरीदने की आर्थिक तौर पर सक्ष्म है कि वह एक एक और मोबाइल फोन खरीद सकें।अगर यदि *मावां धियां सत्कारयोग योजना* का काम सरकार करवाना चाहती है, तो आंगनवाड़ी वर्करों के लिए खरीदे गए मोबाइल फोन तुरंत दिए जाए ताकि वे उन्हें सुचारू रूप से चलाकर अपना काम कर सकें।
उन्हीनों कहा की आंगनवाड़ी वर्करों की मांग है कि मोबाइल फोनों की सप्लाई तुरंत की जाए ताकि वे अपना काम पूरा कर सकें। यदि डिब्बा बंद मोबाइल नहीं दिए गए तो आंगनवाड़ी वर्कर इस्तेमाल किए हुए फोन नहीं लेंगी और न ही कोई रिसीविंग देंगी। उन्होनों ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि वह सत्ता में आते ही आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर का मान भत्ता दोगुना करेगी और सेंटरों में नई भर्ती का काम जल्दी करेगी, लेकिन यह सरकार अपने किए वायदे पुरे करने में पूरी तरह से फेल साबित हुई है। उक्त प्रदर्शन और धरने में नवांशहर हलके के अलावा बलाचौर, औड़, बंगा ब्लॉक से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हुई। यूनियन ने जिला शहीद भगत सिंह नगर के डीसी गुलप्रीत सिंह औलख को ज्ञापन सौंपा तो डीसी गुलप्रीत सिंह औलख ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों को सरकार तक पहुंचा कर उनका समाधान करवाने की कोशिश की जाएगी।
इस दौरान जसवीर कौर, कमलजीत कौर, सुखविंदर कौर, संगीता, कश्मीर कौर, रजनी, इंदरजीत कौर, परमजीत कौर, बलविंदर कौर, कांता देवी, सोमा देवी, गुरबख्श कौर, दविंदर कौर, परमिंदर कौर, मीनाक्षी के इलावा सीटू के बरिष्ठ नेता महा सिंह रौड़ी व प्रेम रक्क्ड़ ने भी संबोधिंत किया।