आतंकियों का 48 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला : पुलिस, बीएसएफ और एसएसजी के करीब 400 जवानों ने दूसरे दिन भी 5 किलोमीटर तक निकटवर्ती क्षेत्र का चप्पा-चप्पा खंगाला

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गुरदासपुर । भारत-पाक सीमा और जेएंडके बॉर्डर के पास बसे गांव कोट भट्टियां में बीते मंगलवार रात देखे गए दो हथियारबंद संदिग्ध आतंकियों का 48 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। जबकि पुलिस, बीएसएफ और एसएसजी समेत करीब 400 जवानों ने दूसरे दिन भी 5 किलोमीटर आसपास के क्षेत्र का चप्पा-चप्पा खंगाला है।

जिस फार्म हाउस में संदिग्ध ठहरे वहां वीरवार को बीएसएफ के जनरल खुद जानकारी लेने के लिए पहुंचे और प्रवासी मजदूर महेश कुमार से संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी हासिल की।

वहीं, पुलिस ने सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस पर नाकाबंदी में सुरक्षा फोर्स बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियां प्रत्येक गतिविधि पर निगाह रख रही है। पुलिस, बीएसएफ और आर्मी की तरफ से उज्ज दरिया और आसपास लगे कई सीसीटीवी भी खंगाले गए हैं। दूसरी तरफ बीएसएफ के डीजी नितिन अग्रवाल ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संबंधी अधिकारियों से बैठक की। पुलिस ने गुज्जरों के डेरे खंगाल उनसे भी जानकारी हासिल की है और वहीं खाली जगह पर फोर्स अभी भी जांच में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने कुछ लोगों को राउंडअप करके पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया है।

भाषा समझना मुश्किल, इशारों में बताते रहे संदिग्ध

गांव कोट भट्टियां में बने फार्म हाउस में प्रवासी महेश ने पुलिस से कहा था कि मंगलवार रात 9:30 बजे के करीब किसी ने फार्म हाउस का दरवाजा खटखटाया और जब उसने दरवाजा खोला तो काले कपड़े पहने व मुंह ढके दो 25 से 30 वर्षीय युवक दरवाजे के सामने खड़े थे। उनके हाथ में हथियार और उनके कंधे पर भारी बैग भी थे। आते ही उक्त लोगों ने बातचीत शुरू कर दी, लेकिन उनकी भाषा समझ में नहीं आ रही थी जिस पर उक्त संदिग्ध व्यक्तियों की ओर से इशारे से खाने के लिए कुछ मांगा गया। खाने के बाद उक्त संदिग्धों की ओर से इशारों-इशारों में धमकी देकर वहां से निकल गए। जिस जगह पर संदिग्ध व्यक्ति देखे जाने की घटना सामने आई है वे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति जंगल जैसी है और गांव के निकट उज्ज दरिया बहता है। मंगलवार रात और बुधवार दिन-रात पुलिस, आर्मी और बीएसएफ ने बड़े स्तर पर संदिग्धों की तलाश के लिए सर्च अभियान चलाया।

उज्ज दरिया ही जिले में दाखिल होने का एकमात्र सहारा

बता दें कि जब आसपास क्षेत्र के लोगों से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि उज्ज दरिया के रास्ते संदिग्ध हथियारबंद आतंकी घुस सकते हैं क्योंकि अभी पानी का लेवल दरिया में कम है और आसानी से वहां से आ गए होंगे। लोगों ने यह भी बताया कि उज्ज दरिया गहरा होने के चलते कुछ ऐसी जगह भी है जहां सुरक्षा का घेरा मजबूत नहीं है। उसी का फायदा उठा कई बार आतंकी जिले में आ चुके हैं।

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