नई दिल्ली : राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से उपनेता नियुक्त होने के कुछ ही दिनों बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सांसद अशोक कुमार मित्तल से जुड़ी संपत्तियों पर छापेमारी की।
मालूम हो कि आप ने हाल ही में सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाकर यह जिम्मेदारी अशोक मित्तल को सौंपी थी. इस फैसले के महज कुछ दिनों बाद ईडी की यह कार्रवाई कई राजनीतिक मायनों में भी अहम मानी जा रही है।
खबरों के मुताबिक, जिन जगहों पर छापेमारी की गई है, उनमें पंजाब के फागवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का परिसर भी शामिल है। मित्तल लवली ग्रुप के मालिक और विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं कुलाधिपति हैं. उनके भाई रमेश और नरेश विश्वविद्यालय के सह-मालिक हैं।
उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी के 10 सांसदों में से एक मित्तल 2022 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे. वे रक्षा और वित्त संसदीय समितियों के सदस्य हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि मित्तल के घर पर छापा क्यों मारा जा रहा है।
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, एक अज्ञात अधिकारी ने इस संबंध में बताया, ‘केंद्रीय एजेंसी ने स्थानीय पुलिस से कोई सहायता नहीं मांगी है। ज्ञात हो कि पिछले साल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेत़त्व वाली केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी थी कि पिछले 10 वर्षों में राजनीतिक नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय के 190 से अधिक मामलों में से केवल दो में ही दोषसिद्धि हुई है।
गौरतलब है कि भाजपा के विपक्षी दल आम आदमी पार्टी के नेता आर्थिक खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निशाने पर रहे हैं। इस संबंध में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘मोदी जी ने पंजाब में चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. लेकिन पंजाब की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी. वे भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देंगे।
