चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी ने मौड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पार्टी ने कार्रवाई के पीछे पार्टी-विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को आधार बताया है। कार्रवाई का आदेश पंजाब आप के राज्य महासचिव हरचंद सिंह बरसट की ओर से जारी किया गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब मैसरखाना ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने दावा किया था कि वह लंबे समय से इस समस्या को सरकार और पार्टी नेतृत्व के सामने उठाते रहे हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था
मैसरखाना ने विशेष रूप से अपने विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों और स्कूल ऑफ एमिनेंस में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था। वीडियो में वह भावुक भी नजर आए और उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संबंध में पार्टी हाईकमान तथा मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित अन्य नेताओं के समक्ष मामला उठाया था।
पार्टी ने लगाए सार्वजनिक रूप से गलत जानकारी देने के आरोप
पार्टी की ओर से कहा गया है कि विधायक द्वारा लगातार पार्टी के खिलाफ गलत बातें और अफवाहें फैलाने तथा सार्वजनिक तौर पर पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। पार्टी का कहना है कि इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की गई है।
मैसरखाना की ओर से उठाए गए स्कूल संबंधी दावों पर पार्टी स्तर पर यह भी कहा गया कि जिस स्कूल का उन्होंने उल्लेख किया, वहां विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार 25 अध्यापक तैनात हैं। हालांकि, इस आंकड़े और स्कूल में वास्तविक विषयवार जरूरत के बीच अंतर है या नहीं, यह अलग प्रशासनिक तथ्य-जांच का विषय है।
फिलहाल पार्टी की कार्रवाई के बाद मैसरखाना की ओर से इस निलंबन पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
