पंजाब सरकार ने भूमि संबंधी सेवाओं को अधिक सरल,पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ और ‘ईज़ी जमाबंदी पोर्टल’ की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और डिजिटल माध्यम से तेज़ व भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल आम नागरिकों का समय बचेगा, बल्कि भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
लंबी कतारों से राहत, अब ऑनलाइन मिलेगा भूमि रिकॉर्ड : अब तक जमीन से जुड़े दस्तावेज़, विशेषकर फर्द (भूमि रिकॉर्ड की प्रति) प्राप्त करने के लिए लाखों लोगों को पटवारखानों और सेवा केंद्रों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। लंबी कतारों में इंतजार करना, समय की बर्बादी और कई मामलों में भ्रष्टाचार का सामना करना आम बात थी. सरकार के अनुसार, करीब 40 लाख नागरिक हर साल इस प्रक्रिया से गुजरते थे. नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद अब भूमि मालिक घर बैठे ही प्रमाणित और कानूनी रूप से मान्य जमाबंदी की प्रति डाउनलोड कर सकते हैं. इसके अलावा व्हाट्सएप के जरिए भूमि रिकॉर्ड प्राप्त करने, ऑनलाइन इंतकाल (म्यूटेशन), रपट एंट्री और फर्द बदर जैसी सुविधाएं भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई हैं. इससे पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, आसान और पारदर्शी हो गई है।
लैंड अलर्ट सेवा से भूमि मालिकों को मिलेगी डिजिटल सुरक्षा : सरकार ने भूमि मालिकों, विशेषकर विदेशों में रहने वाले भारतीयों (एनआरआई) की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लैंड अलर्ट सब्सक्रिप्शन सेवा भी शुरू की है. इस सुविधा के तहत यदि किसी की पंजीकृत भूमि के रिकॉर्ड में किसी प्रकार की संदिग्ध या फर्जी गतिविधि होती है, तो संबंधित व्यक्ति को तुरंत व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी. इससे समय रहते कानूनी कार्रवाई करना आसान होगा और जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी. नागरिक इन सभी सेवाओं का लाभ ईज़ी जमाबंदी पोर्टल, राज्य की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1076 या अपने नजदीकी सेवा केंद्र के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं. पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और यह पहल पारदर्शी, जवाबदेह तथा नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
कुल मिलाकर, ईज़ी रजिस्ट्री और ईज़ी जमाबंदी पोर्टल पंजाब सरकार की डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माने जा रहे हैं. सरकार का दावा है कि इन सेवाओं से भूमि संबंधी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी, तेज़ और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनेंगी, साथ ही भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
