उत्पादक अपने उत्पाद की इंटरनेट माध्यम से चलो चंबा ऐप से बाजार में एक अलग पहचान बना सकते : DC अपूर्व देवगन

by

चंबा,14 सितंबर :
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के सौजन्य से सेवा संस्था द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र सरू में स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों के लिए दो दिवसीय ई – कॉमर्स प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
इस दौरान उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूह और किसान उत्पादक संगठन के सदस्यों का मार्गदर्शन करते कहा कि
उत्पादक अपने उत्पाद की इंटरनेट माध्यम से चलो चंबा ऐप से बाजार में एक अलग पहचान बना सकते।
उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स के माध्यम से उत्पादों की बाजार में पहचान बनाने के लिए सहायता मिल रही है।
साथ ही उन्होंने लोगों को नाबार्ड और विभागीय का लाभ लेने को भी कहा। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से लोगों को ई-कॉमर्स की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है ताकि उत्पादक ई-कॉमर्स के महत्वपूर्ण पहलुओं को अच्छी तरह समझ सके। उन्होंने कहा कि ज़िला प्रशासन द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफार्म की सुविधा उपलब्ध करवाई है। ज़िला के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों , आर्ट एवं क्राफ्ट सोसायटियों को चंबा प्रोडक्ट डॉट कॉम के नाम से ई-कामर्स प्लेटफार्म का हिस्सा बनाया गया है ।
कार्यशाला में जिला चम्बा के दूर दराज क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूह और किसान उत्पादक संगठन के सदस्यों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
कार्यशाला में जिला विकास प्रबंधक साहिल सवांगला ने लोगों को ई – कॉमर्स के माध्यम से व्यापार का संचालन करने की विस्तृत जानकारी दी । उन्होंने लोगों को ई-कॉमर्स और ओएनडीसी से जुड़ने की विभिन्न विधियों से जागरूक करवाया।
बुरांश एजेंसी शिमला से गौतमी श्रीवास्तव ने बिजनेस प्लान में प्रोडक्ट,मूल्य,स्थान व उनकी प्रोन्नति की जानकारी देते हुए किस तरह से हमें अपने उत्पाद की स्पष्ट योजना बनाकर बाज़ार की समझ, ब्रांड की कहानी, लाइसेंस व मार्केटिंग करने की विस्तृत जानकारी दी।
सेवा संस्था निर्देशक डॉ हरीश शर्मा ने लोगों की उत्पाद संबंधी आने वाली चुनौतियों से अवगत करवाया।
बुरांश एजेंसी से सिद्धार्थ लखनपाल ने ई -कॉमर्स के प्रकार, लाभ, चुनौतियां, ई -कॉमर्स के विभिन्न चैनल, और एफएसएसएआई लाइसेंस व पंजीकरण के बारे में जागरूक किया।
इस कार्यशाला में सेवा संस्था की टीम ,पांगी हिल्स के अंतर्गत आने वाले व अन्य स्वयं सहायता समूह और किसान उत्पादक संगठन के लगभग साठ सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यशाला में उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ओपी ठाकुर, सेवा संस्था निदेशक डॉ हरीश शर्मा, सपार्क संस्था निदेशक प्रदीप आज़ाद और बैंकर प्रवीन वर्मा सहित दूसरे दिन कृषि विज्ञान केंद्र चम्बा से डॉ राजीव रैना, डॉ केहर सिंह और डीआरडीए से विनोद मौजूद रहे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

जनजातीय क्षेत्र पांगी को आवश्यकता के अनुरूप बालन की आपूर्ति बनाई जाए सुनिश्चित – केहर सिंह खाची

चंबा, 13 अक्टूबर : वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने कहा है कि जनजातीय उपमंडल पांगी के लिए आवश्यकता के अनुरूप बालन (फ्यूल वुड) की आपूर्ति जल्द सुनिश्चित बनाई जाए ।...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

पेशाब में दिखे ये 5 संकेत : 400 के पार पहुंच चुका है ब्लड शुगर

आधुनिक समय में डायबिटीज काफी ज्यादा कॉमन बीमारी हो चुकी है। यह धीरे-धीरे हमारे शरीर को खोखला कर देती है। डायबिटीज से ग्रसित व्यक्तियों का ब्लड शुगर लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है, अगर...
article-image
हिमाचल प्रदेश

40 लाख से चौड़ी होगी चायली खुर्द सड़क – विक्रमादित्य सिंह

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज शिमला शहर के साथ सट्टी ग्राम पंचायत चायली में 40 लाख रुपए की लागत से चौड़ी...
article-image
हिमाचल प्रदेश

कचरा प्रबंधन में उचित कार्य न करने पर संबंधित नगर परिषद/पंचायत के विरूद्ध होगी कार्यवाही : DC आदित्य नेगी

शिमला 22 नवंबर – उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां जिला पर्यावरण योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जिला में कचरा प्रबंधन के अंतर्गत नगर निगम...
Translate »
error: Content is protected !!