.बच्ची की मौत पर उठे सवाल
, ड्यूटी रोस्टर और वाहन व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
दवाइयों का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
एएम नाथ। चंबा : पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा में डेढ़ वर्षीय बच्ची की उपचार के दौरान हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता जय सिंह ने पत्रकार वार्ता में अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए संबंधित चिकित्सक और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, बच्ची की मौत में चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। अस्पताल प्रबंधन पहले ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष कमेटी गठित करने की बात कह चुका है।
जय सिंह ने दावा किया कि उनके पास उपलब्ध जानकारी और साक्ष्यों के अनुसार बच्ची को जिस दिन अस्पताल में भर्ती किया गया, उस दिन ऑन कॉल डॉक्टर बाथरी स्थित अपने घर पर था, जो चंबा से करीब 35 से 40 किलोमीटर दूर है। उन्होंने कहा कि इसकी पुष्टि के लिए अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जानी चाहिए। साथ ही यह भी सार्वजनिक किया जाए कि ऑन कॉल डॉक्टर को अस्पताल लाने के लिए उपलब्ध वाहन उस समय कहां था।
उन्होंने कहा कि ऑन कॉल चिकित्सकों के लिए अस्पताल के आसपास रहने की व्यवस्था इसलिए होती है ताकि आपात स्थिति में वे समय पर अस्पताल पहुंच सकें। जय सिंह ने बच्ची के उपचार के लिए इस्तेमाल दवाइयों और इंजेक्शन की उपलब्धता व आपूर्ति का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग भी की। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पताल में चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता।
बच्ची के परिजनों ने पहले भी आरोप लगाया था कि अस्पताल पहुंचने के बाद उसे तत्काल भर्ती नहीं किया गया और जांच व एक्स-रे के दौरान भी उन्हें परेशानी हुई। अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।
जय सिंह ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार करने तक कार्रवाई सीमित रखी है और जिम्मेदार चिकित्सक समेत अन्य स्टाफ पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने इससे पहले चंबा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान एक युवक की मौत का मामला भी उठाया और उसकी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। इससे पहले भी वह मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठा चुके हैं।
