कन्यादान योजना तहत ऊना जिले में तीन वर्षों में 325 परिवारों को मिला डेढ़ करोड़ से अधिक का सहयोग

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गरीब परिवारों की बेटियों के लिए संबल बनी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना
रोहित जसवाल। ऊना, 15 फरवरी. बेटी का विवाह हर परिवार के लिए भावनात्मक और गौरवपूर्ण क्षण होता है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह एक बड़ी जिम्मेदारी भी बन जाता है। ऐसे परिवारों को सम्मानपूर्वक सहयोग देने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान कर बेटियों के विवाह को गरिमा और आत्मसम्मान के साथ संपन्न कराने में सहायक बन रही है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है, ताकि कमजोर वर्गों को वास्तविक राहत मिल सके और समाज में समान अवसर सुनिश्चित हो सकें। योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को बेटी के विवाह के लिए 51 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिससे वंचित वर्गों को महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।
*तीन वर्षों में 325 परिवारों को मिला लाभ*
जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) ऊना, नरेंद्र कुमार ने बताया कि बीते तीन वर्षों के दौरान ऊना जिले के 325 पात्र परिवारों को कुल 1 करोड़ 65 लाख 75 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत प्रदान की जा चुकी है। यह योजना जिले में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा रही है।
*जिला प्रशासन की निगरानी में प्रभावी क्रियान्वयन*
ऊना जिले में उपायुक्त जतिन लाल के नेतृत्व में जिला प्रशासन योजना के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित कर रहा है। प्रशासन पात्र परिवारों की समय पर पहचान और सरल प्रक्रिया के माध्यम से लाभ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
फील्ड स्तर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लगातार जागरूकता अभियान चलाकर पात्र परिवारों को योजना की जानकारी उपलब्ध करवा रहे हैं।
*ये हैं योजना के पात्रता मानदंड*
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में बेसहारा लड़कियां जिनके पिता का निधन हो चुका हो, नारी सेवा सदन की पूर्व प्रवासिनियां या उपेक्षित, परित्यक्त अथवा तलाकशुदा महिलाओं की पुत्रियां अथवा वे कन्याएं जिनके पिता शारीरिक या मानसिक दिव्यांगता के कारण आजीविका अर्जित करने में असमर्थ हों और कन्या के संरक्षक की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक न हो शामिल हैं। योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करना होता है, जिसके साथ संबंधित तहसीलदार से सत्यापित आय प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य है।
*आवेदन प्रक्रिया सरल और सुगम*
इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक पात्र लाभार्थी जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक अथवा नजदीकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन विवाह की तिथि से दो माह पूर्व से लेकर विवाह के छह माह बाद तक किया जा सकता।
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