कर्ज बढ़ाना, सुविधाएं छीनना, विकास शून्य ही सुक्खू सरकार की उपलब्धि – लाखों लोगों से सुविधाएं छीनना, हज़ारों संस्थान बंद करना है मुख्यमंत्री का काम : जयराम ठाकुर

by

राजस्व बढ़ाना है तो सुविधाएं छीनने के बजाय सरकार का बोझ कम करे

एएम नाथ। शिमला
शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार पूरी तरह से जनविरोधी काम कर रही है। जिन वादों के साथ कांग्रेस सत्ता में आई सारे काम उसके विपरीत किए जा रहे हैं। ऐतिहासिक तेज़ी से क़र्ज़ लेना, लाखों परिवारों से सुविधाएं छीनना, उनके जीवन को संकट में डालना, हज़ारों की संख्या में संस्थान बंद करना सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल की उपलब्धि है। यदि सुक्खू सरकार के कार्यकाल का लेखा जोखा निकाला जाए तो यह प्रदेश के सबसे बुरे प्रदर्शन के तौर पर जाना जाएगा। जब प्रदेश तरक़्क़ी करने की बजाय पीछे चला गया। जहां विकास के एक भी काम नहीं हुए। सुक्खू के पूरे कार्यकाल में प्रदेश के विकास कि गति शून्य रही।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जितना क़र्ज़ हिमाचल के पूरे इतिहास में लिया गया उसका आधा क़र्ज़ सुक्खू सरकार से मात्र डेढ़ साल के कार्यकाल में ले चुकी है। इसी गति से अगर पाँच साल क़र्ज़ लिए तो हिमाचल के आर्थिक स्थिति का क्या हाल होगा, यह कहना मुश्किल है। सुक्खू सरकार सत्ता में आने के बाद से लगभग तीस हज़ार करोड़ का क़र्ज़ ले चुकी हैं। जब सरकार द्वारा हर दिन लोगों को मिलने वाली अत्यंत ही ज़रूरी सुविधाएं छीनी जा रही है। सहारा जैसी पेंशन लोगों को मिल नहीं रही है। हिमकेयर से इलाज मिल नहीं मिल रहा है, बिजली पानी पर मिलने वाली सब्सिडी सरकार ने बंद कर दी है। सड़क, पुल, नाले अस्पताल, स्कूल बन नहीं रहे हैं। सड़कों का मलबा तक साफ़ नहीं हो रहा है तो ऐसे में यह सवाल उठता है कि सरकार क़र्ज़ में मिलने वाली धनराशि का कर क्या रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रदेश के लोगों को यह बताना होगा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुक्खू सरकार प्रदेश के लोगों के साथ धोखा कर रही है। जिन गारंटियों के नाम पर वह सत्ता में आए, प्रदेश के लोगों को वह दे नहीं पाए लेकिन पूर्व सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं को ही छीन लिया। क्या प्रदेश के राजस्व बढ़ाने के इसी तरीक़े की बात मुख्यमंत्री व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर कर रहे थे? क्या इसी तरह से राजस्व बढ़ाया जाएगा? लोगों से सुविधाएं छीनकर, उनके जान को जोखिम में डाल कर प्रदेश का राजस्व नहीं बढ़ेगा। सुधार करना है तो सरकार अपने स्तर पर करे। सुधार की पहल ख़ुद से होती है। बीमार लोगों से उनके इलाज का हक़ छीन कर या शारीरिक रूप से पूर्णतः अक्षम व्यक्ति की सहारा पेंशन रोककर सरकार द्वारा राजस्व बढ़ाने का तरीक़ा बचकाना भी है और शर्मनाक भी। क्या ऐसे ज़रूरतमन्द लोगों के लिए राज्य की कोई ज़िम्मेदारी नहीं है। सरकार को राजस्व बढ़ाना है तो सरकार के ऊपर लादे गए बोझ को कम करने से इसकी शुरुआत करनी चाहिए। सरकार में बैठे लोगों का लक्ष्य प्रदेश के लोगों को फैसिलिटेट करना होना चाहिए अपने मित्रों को नहीं। इसलिए सरकार लोगों को दी ज़रूरी सुविधाओं को छीनना बंद करे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

हिमाचल प्रदेश

यूकेजी की 4 साल की बच्ची से स्कूल वैन में अश्लील हरकतें : आरोपी सिक्योरिटी गार्ड पर मामला दर्ज

ऊना : जिले के एक प्राइवेट स्कूल की यूकेजी की 4 साल की बच्ची से स्कूल वैन में अश्लील हरकतें करने और अभद्र व्यवहार का मामला साहमने आया है। यह आरोप एक प्राइवेट स्कूल...
article-image
हिमाचल प्रदेश

टांडा मेडिकल कालेज में चार दिवसीय इंटर कालेज प्रतियोगिता का समापन : राज्य में मेडिकल तथा तकनीकी शिक्षा को दिया जा रहा प्रोत्साहन: बाली

युवाओं के भविष्य निर्माण तथा रोजगार को विशेष प्राथमिकता नगरोटा, 09 नवंबर। पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल तथा तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहन दे रही है।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

78 लाख रुपए से निर्मित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र तुन्नूहट्टी का विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने किया लोकार्पण

तुन्नूहट्टी,मेल व नैनीखड्ड पंचायत की पेयजल वितरण प्रणाली का किया जाएगा सुधार, व्यय होगी 10.50 करोड़ रुपए की धनराशि चंबा, 1 दिसंबर : विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आज ग्राम पंचायत तुन्नूहट्टी में...
article-image
हिमाचल प्रदेश

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के 17 पदों के लिए साक्षात्कार 05 व 06 अगस्त को होंगे

एएम नाथ। सोलन : बाल विकास परियोजना सोलन के अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों में रिक्त पदों की भर्ती के लिए साक्षात्कार 05 व 06 अगस्त, 2025 को आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी बाल परियोजना...
Translate »
error: Content is protected !!