सोशल मीडिया पर मुस्कुराती तस्वीरें, इंस्टाग्राम रील्स में ग्लैमरस अंदाज और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में चलता एक ब्यूटी पार्लर। पहली नजर में खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा की जिंदगी बिल्कुल सामान्य दिखती थी।
लेकिन पुलिस का दावा है कि यही चेहरा एक खतरनाक गैंग नेटवर्क की परतें छुपाए बैठा था। अब गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे हो रहे हैं, उन्होंने राजधानी की क्राइम दुनिया को हिला दिया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में खुशनुमा को गिरफ्तार किया। वह कुख्यात शार्पशूटर महफूज अली उर्फ बॉबी कबूतर की गर्लफ्रेंड मानी जाती है, जो कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा के नेटवर्क का अहम हिस्सा रहा है। पुलिस का कहना है कि खुशनुमा गैंग के ड्रग सिंडिकेट को संभाल रही थी और लंबे समय से लॉजिस्टिक व कम्युनिकेशन सपोर्ट दे रही थी।
कौन हैं लेडी डॉन खुशनुमा उर्फ नेहा? खुशनुमा उर्फ नेहा नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में अपना एक ब्यूटी पार्लर चलती है। वो इंस्टाग्राम पर लाइफस्टाइल और ब्यूटी टिप्स देती है। लेकिन असल में वो दोहरी जिंदगी जी रही थी। दिन में वो पार्लर का काम संभालती और रात को वो मैडम जहर बनकर ड्रग्स सप्लाई में मदद करती थी।
खुशनुमा और बॉबी पिछले करीब सात साल से साथ जुड़े थे। पुलिस के मुताबिक, जब बॉबी फरार था, तब गैंग के भीतर संपर्क बनाए रखना, ठिकाने बदलने की जानकारी देना और जरूरी संदेश पहुंचाना नेहा की जिम्मेदारी थी। बाहर से वह पार्लर चलाने वाली एक सामान्य महिला दिखती थी, लेकिन जांच एजेंसियों का दावा है कि यही कारोबार गैंग की गतिविधियों को छुपाने का मुखौटा था। महिपालपुर फ्लाईओवर के पास हुई गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कार से बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद करने का दावा किया। इसके बाद ही पुलिस ने उसे ‘मैडम जहर’ कहना शुरू किया।
कौन है बॉबी कबूतर? 45 वर्षीय महफूज अली जिसे इलाके में कबूतर पालने के शौक के कारण बॉबी कबूतर कहा जाने लगा, पिछले एक दशक से दिल्ली की क्राइम फाइलों में दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह कम से कम छह हत्या मामलों में वांछित था। चौहान बांगर की घनी गलियों और जुड़ी छतों का फायदा उठाकर वह कई बार पुलिस को चकमा दे चुका था। जांच एजेंसियां 2022 में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या से जुड़े घटनाक्रम में भी उसकी भूमिका की जांच कर रही हैं। पुलिस सूत्रों का दावा है कि उसने वारदात से पहले मूवमेंट और रूट की रेकी की थी और यह जानकारी शूटरों तक पहुंचाई थी।
हाई-प्रोफाइल केसों से जुड़ा नाम : बॉबी पर आरोप है कि वह अवैध हथियारों की सप्लाई चेन में बड़ा लिंक था। जांच में यह भी सामने आया कि हथियार कथित तौर पर सलीम पिस्टल नामक अवैध आर्म्स डीलर से लिए जाते थे, जिसके पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े होने की बात कही जाती है। दिल्ली के जाफराबाद में दिसंबर 2025 को हुए डबल मर्डर, ग्रेटर कैलाश में जिम मालिक नादिर शाह की हत्या और एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर के बाहर फायरिंग जैसे मामलों में भी उसका नाम सामने आया। पुलिस का दावा है कि कुछ शूटर्स को विदेशी हथियार उसी ने उपलब्ध कराए थे।
कैसे गिरफ्तार किए खुशनुमा और महफूज अली?
17 फरवरी की रात स्पेशल सेल को इनपुट मिला कि बॉबी अपने साथियों के साथ महिपालपुर से गुजरने वाला है। टीम ने घेराबंदी की और संदिग्ध कार को रोका। तलाशी में हथियार और ड्रग्स मिलने का दावा किया गया। कार में सवार बॉबी, खुशनुमा और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के सहारे की गई यह कार्रवाई कई महीनों की निगरानी का नतीजा बताई जा रही है।
स्पेशल सेल के अधिकारियों के मुताबिक, बॉबी महीनों से फर्जी पहचान और लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था। तकनीकी सर्विलांस और पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर टीम ने जाल बिछाया और पूरे गिरोह को दबोच लिया। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर गैंग के फाइनेंशियल ट्रेल, हथियारों की सप्लाई चेन और एनसीआर में सक्रिय स्लीपर सेल की जानकारी जुटाने में लगी है।
गैंग में महिलाओं की बढ़ती भूमिका : खुशनुमा की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां इस बात पर भी नजर रख रही हैं कि गैंग में महिलाओं की भूमिका किस हद तक बढ़ रही है। हाल के दिनों में यह तीसरा मामला है जब किसी महिला को इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। इससे पहले दीपा और जोया खान को भी इसी नेटवर्क से जुड़े मामलों में पकड़ा जा चुका है। पुलिस अब एनसीआर में मौजूद स्लीपर सेल और फाइनेंशियल ट्रेल की भी जांच कर रही है। इंस्टाग्राम पर ब्यूटी टिप्स और रील्स पोस्ट करने वाली महिला का नाम अब राजधानी की अंडरवर्ल्ड फाइलों में दर्ज है। दिन में पार्लर और रात में कथित तौर पर गैंग का नेटवर्क संभालना, यही दोहरी जिंदगी इस केस को और सनसनीखेज बनाती है।
खुशनुमा उर्फ नेहा की गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया है कि अपराध की दुनिया में रणनीति बदल रही है। चेहरे भले ही ग्लैमरस हों, लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कहीं ज्यादा खतरनाक हो सकती है।
