गढ़शंकर l गढ़शंकर-नंगल सड़क पर रेत, बजरी व मिट्टी से भरे करीब पांच सौ ओवरलोड टिप्परों के चालकों द्वारा पंडोरी बीत से लेकर गढ़शंकर शहर तक सड़क के दोनों और सुवह से ही सड़क पर ही खड़े करने से सड़क से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को भारी परेशानी का साहमना करना पड़ा तो कई घंटे जाम लगा रहा। पुलिस प्रशासन देर शाम तक कोई करवाई नहीं की। जिससे पुलिस प्रशासन पर कई तरह के स्वाल खड़े हो रहे है।

सुवह चार वजे से गढ़शंकर से पंडोरी तक 13 किलोमीटर लंबे मार्ग के दोनों ओर दिनभर रेत-बजरी से भरे करीब पांच सौ ओवरलोडिड टिप्पर व ट्रक देर शाम तक खड़े रहे और पराली से भरी ट्रालिओं के गुजरने से चारों और जाम लगा रहा। जिससे आने जाने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात यह थे कि शाहपुर के निकट निजी स्कूलों के लिए बच्चों को स्कूल लाने वाले बस चालक व बच्चों के अभिभावक भी पुलिस प्रशासन को कोसते नजर आए, उनका कहना था कि ट्रैफिक पुलिस कर्मी केवल गढ़शंकर चौक पर मोटरसाइकिल या छोटे वाहनों को रोककर उन्हें ट्रैफिक नियमों का पालन करवाकर अपनी ड्यूटी निभाते हैं, लेकिन इन भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराते हैं। बता दें कि दिन में इस सड़क पर खाली व भरे हुए टिप्पर चलते रात – दिन गढ़शंकर से होकर अपने गतंव्य को जाते हैं। टिप्पर चालक खानपुर गांव के पास अपनी पर्ची कटवाने के लिए अपने टिप्पर सड़क पर ही खड़े कर देते हैं, जिससे यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। जब अन्य एजेंसियों के अधिकारी इन टिप्पर ट्रकों के दस्तावेजों की जांच करते हैं, तो इनके चालक अपने वाहन सड़क के किनारे खड़े कर इधर-उधर चले जाते हैं, जिससे इस छोटी सड़क पर अन्य वाहन चालकों को असुविधा होती है क्योंकि वे भी जरूरी काम से घर से निकलते हैं।
लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को इन टिप्परों के चलने का समय निर्धारित करना चाहिए ताकि कामकाजी लोग बिना किसी परेशानी के अपना काम कर सकें तथा सड़क पर खड़े होकर यातायात में बाधा डालने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस संबंध में एसएचओ गढ़शंकर गगनदीप सिंह सेखों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इनके विरुद्ध जल्द ही कड़ी जाएगी। अभी किसी अन्य अति आवश्यक काम में व्यस्त है l