गुरु साहिबान विरोधी टिप्पणियों की की गई निंदा
हुशियारपुर/दलजीत अज्नोहा : बहुजन समाज पार्टी हलका चब्बेवाल के अधिकारियों की मीटिंग एडवोकेट पलविंदर माना जिलाध्यक्ष और हलका प्रभारी के नेतृत्व में कम्युनिटी सेंटर चब्बेवाल में हुई, जिसमें पंजाब अध्यक्ष डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी पूर्व सदस्य राज्यसभा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और स्टेट कोऑर्डिनेटर चौधरी गुरनाम सिंह विशेष रूप से हाजिर थे।इस अवसर पर करीमपुरी ने हलका चब्बेवाल के पार्टी के आगुओं और कार्यकर्ताओं के साथ विचार साझा करते हुए कहा कि 15 जनवरी को गढ़शंकर में बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमारी मायावती पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश का जन्मदिन पंजाब संभालो मुहिम के तहत जन कल्याण दिवस के तौर पर मनाया जाएगा, जिसमें केंद्र और पंजाब की सरकारों की लोक विरोधी, गरीब , मजदूर विरोधी और पंजाब विरोधी नीतियों के खिलाफ जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा केंद्र की भाजपा सरकार ने मनरेगा रोजगार योजना खत्म करके गरीब परिवारों के रोजगार को खत्म किया है, इसके विरोध में बसपा बड़े स्तर पर विशाल रैली करेगी।करीमपुरी ने कहा जन कल्याण दिवस मौके केंद्र और पंजाब सरकार की कृत्री मजदूर, गरीब किसान, छोटा दुकानदार, मुलाजिम विरोधी नीतियों का पर्दाफाश किया जाएगा। करीमपुरी ने कहा आम आदमी पार्टी सतगुरु रविदास जी, बाबा साहिब डॉ. अंबेडकर और अन्य महान गुरु साहिबान के विरोधी पार्टी है, इसी कारण जहां पंजाब में सतगुरु रविदास जी के स्थानों, डॉ. अंबेडकर साहिब के बुतों को तोड़कर बेअदबी की जा रही है, वहां दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता अतिशी द्वारा की गईं सिख गुरु साहिबान पर अपमानजनक टिप्पणियां सहनयोग्य नहीं हैं, जिसकी बहुजन समाज पार्टी निंदा करती है।इस अवसर पर करीमपुरी ने आंदोलन को सफल करने के लिए हलके की लीडरशिप की ड्यूटियां लगाईं और भारी संख्या में हलका चब्बेवाल के लोगों को गढ़शंकर पहुंचाने के दिशा-निर्देश जारी किए।इस मौके जिला अध्यक्ष दलजीत राय, राकेश किट्टी जिला प्रभारी, दविंदर सिंह बाहोवाल बामसेफ प्रभारी, सतपाल बडला जनरल सेक्रेटरी, विक्की बंगा, राजेश भुन्नो, प्रेम सिंह खालसा, बाबू रोशन लाल, सिमरू राम, डॉ. हरनेक सिंह, ठेकेदार जस्सी खानपुर, मिशनरी गायिका नीलम जस्सल, चरणजीत बाहोवाल, जोगिंदर सिंह पूर्व सरपंच, जरनैल सिंह, जगदीप सिंह, संतोष सिंह, तेजपाल सिंह और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता हाजिर थे।
