प्रो. रणजोध सिंह की साहित्यिक उपलब्धि से नालागढ़ गौरवान्वित
एएम नाथ। शिमला : भाषा विभाग शिमला और कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम ‘मीमांसा-4’ में नालागढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. रणजोध सिंह की लघुकथा संग्रह ‘मैली कमीज़’ तथा दून वैली पब्लिक स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा शुगन रनोट की पुस्तक ‘इज दा हाउस हंटेड’ का लोकार्पण हुआ। ऐतिहासिक गयेटी थिएटर में आयोजित कार्यक्रम में देश की प्रसिद्ध साहित्यकार शोभा थरूर श्रीनिवासन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
वर्ष 2025 में प्रकाशित और कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा चयनित पुस्तकों पर चर्चा और समीक्षा के लिए ‘मीमांसा-4’ का आयोजन 19 से 21 अगस्त तक किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को साहित्य की बारीकियों से परिचित करवाने के साथ-साथ साहित्यकारों और युवा लेखकों को एक मंच प्रदान करना है। आयोजन में स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है।
‘मैली कमीज़’ पर आयोजित चर्चा एवं समीक्षा में डॉ. आशु खोसला ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई। समीक्षा पैनल में स्कूली विद्यार्थी सुजल शर्मा, आशना और शगुन रनोट शामिल रहे। विद्यार्थियों ने पुस्तक की विषयवस्तु और साहित्यिक पक्षों पर अपने विचार रखे। वहीं शुगन रनोट की ‘इज दा हाउस हंटेड’ उनकी दूसरी पुस्तक है, जिसे उन्होंने हिमाचल प्रदेश की युवा साहित्यकार मीनाक्षी चौधरी के मार्गदर्शन में लिखा है। कम उम्र में लेखन के क्षेत्र में शुगन की उपलब्धि की भी सराहना की गई।
प्रो. रणजोध सिंह हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार हैं। वर्ष 2024 में उनकी काव्य पुस्तक ‘आईना’ का चयन भी ‘मीमांसा-2’ के लिए हुआ था। अब तक उनके तीन प्रमुख पुस्तकें ‘आईना’ (काव्य संग्रह), ‘कैंथ का पेड़’ (कहानी संग्रह) और ‘मैली कमीज़’ (लघुकथा संग्रह) प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने 15 साझा संग्रहों में भी योगदान दिया है। उनकी कविताएं, कहानियां, लघुकथाएं, व्यंग्य लेख और संस्मरण देश के विभिन्न समाचार पत्रों एवं साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं।
प्रो. सिंह की कई कहानियों का नाट्य रूपांतरण हो चुका है, जिनमें से कुछ को पुरस्कार भी मिले हैं। उनकी रचनाएं कई भारतीय भाषाओं में अनूदित हुई हैं और उन्हें साहित्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं। वे शिक्षण संस्थानों में साहित्यिक कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का प्रसार भी करते हैं।
नालागढ़ साहित्य कला मंच के अध्यक्ष हरिराम धीमान, नालागढ़ पेंशनर्स एवं सीनियर सिटीजन के अध्यक्ष नरेश घई तथा क्षेत्र के अन्य साहित्यकारों ने इस उपलब्धि को नालागढ़ के लिए गौरव का विषय बताया।
