एएम नाथ। कुल्लू : ल्प एज इंडिया के रीजनल रिसोर्स एवं ट्रेनिंग सेंटर (RRTC), शिमला द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से “Ageing with Dignity (गरिमा के साथ वृद्धावस्था)” थीम पर एक महत्त्वपूर्ण टॉक सीरीज़ आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य वृद्धजनों के अधिकारों, गरिमामय देखभाल, स्वस्थ मानसिक शारीरिक जीवन तथा समावेशी समाज के निर्माण पर सार्थक संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम में सरकारी विभागों के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता, स्वास्थ्य एवं कानून विशेषज्ञ, शिक्षक प्रशिक्षक तथा वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने एक दूसरे के अनुभव साझा किए तथा वृद्धजनों के अनुकूल नीतिगत और सामुदायिक पहलों पर सार्थक चर्चा की। उद्घाटन सत्र में हेल्प एज इंडिया के डॉ. राजेश कुमार, स्टेट हेड, हेल्प एज इंडिया (हिमाचल प्रदेश एवं लद्दाख) ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था केवल देखभाल का विषय भर नहीं है, बल्कि यह सम्मान, अधिकार, सहभागिता और अवसरों का प्रश्न है। डॉ. कुमार ने बदलते जनसांख्यिकीय परिदृश्य, तेजी से बढ़ती वृद्ध आबादी और इसके साथ उभरती नीतिगत चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए समुदाय आधारित सहायता प्रणालियों, डिजिटली सशक्त सेवाओं और इंटरसेक्टरल समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
जिला कल्याण अधिकारी गिरधारी लाल शर्मा, ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, सहायता अनुदानों और संस्थागत सहयोग की व्यवस्था पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम स्तर पर जागरूकता शिविर, पात्रता सत्यापन की पारदर्शी प्रक्रिया और सेवा प्रदाताओं के नियमित प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हैं।
वरिष्ठ सिविल जज सुश्री आभा चौहान ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार सत्र में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, विधिक संरक्षण और केस स्टडी के माध्यम से व्यावहारिक पक्ष समझाया। उन्होंने ‘सीनियर सिटिज़न्स के मेंटेनेंस एंड वेलफेयर’ संबंधी प्रावधानों, भरण पोषण एवं संरक्षण की कानूनी प्रक्रिया, संपत्ति विवाद, दुर्व्यवहार/उपेक्षा की पहचान और शिकायत निवारण तंत्र की विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को प्रदान की।
