गीजर गैस लीक होने से 2 बहनों की मौत : दोनों बहनें बाथरूम में गई थीं नहाने – दोनों के शव पड़ चुके थे नीले

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जालंधर :  गीजर गैस लीक होने से 2 बहनों की मौत हो गई। दोनों बहनें नहाने के लिए बाथरूम में गई थीं। जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आई तो परिजनों ने बाथरुम का दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला।  जिसमें दोनों के शरीर नीले पड़ गए थे। जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक लड़कियों की पहचान शरणजोत कौर (10) और प्रभजोत कौर (12) के रूप में हुई है। प्रभजोत 7वीं और शरणजोत कौर 5वीं की छात्रा थी।

कस्बा भोगपुर के गांव लड़ोई मकी की रहने वाली थीं। दोनों लड़कियों के माता-पिता विदेश में काम करते हैं। दोनों अपने दादा के साथ रहती थी। लड़कियों की मां आज ही विदेश से लौटी हैं। दोनों का अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर एक बजे किया गया।

दोनों के शव नीले पड़ चुके थे :   दादा मंगत राम ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे दोनों बच्चियां नहाने गई थीं। दोनों बच्चियां हुक लगाकर नहा रही थीं। दोनों ने गैस गीजर चालू कर रखा था। लेकिन एग्जॉस्ट फैन चालू नहीं था। गांव में जब शोर मचा तो घटना का पता चला। दोनों के शव नीले पड़ चुके थे।

 

मां दुबई में, पिता अर्मेनिया में करता है काम मृतक लड़कियों की मां तानिया पिछले पांच साल से दुबई में अपनी बहन के पास रह रही है। लड़कियों के पिता संदीप कुमार करीब तीन महीने पहले अर्मेनिया गए थे। मां के दुबई से लौटने के बाद आज दोपहर दोनों लड़कियों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों लड़कियों का एक भाई भी है।

पिता फिलहाल विदेश में डीएसपी कुलवंत सिंह ने बताया कि मृतक बच्चों की मां दुबई से घर लौट आई है। पिता फिलहाल विदेश में है। आज घटनास्थल पर टीमें भेजी गई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गीजर से कौन सी गैस निकलती है, जिससे लड़कियों की मौत हुई

जानकारी के मुताबिक, गीजर से कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोऑक्साइड जैसी गैस निकलती हैं, जो किसी व्यक्ति की मौत का कारण बन सकती हैं। साथ ही, अगर गीजर को सिलेंडर से जोड़ा जाता है, तो उसमें पानी गर्म करने के लिए लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) का इस्तेमाल किया जाता है। LPG में ब्यूटेन और प्रोपेन गैस होती है, जो जलने के बाद कार्बन डाइऑक्साइड बनाती है।

कार्बन मोनोऑक्साइड गैस शरीर में पहुंचकर लाल रक्त कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। इससे हीमोग्लोबिन मॉलिक्यूल ब्लॉक हो जाता है और शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है। जब कार्बन डाइऑक्साइड शरीर में प्रवेश करती है, तो व्यक्ति पहले बेहोश हो जाता है। लेकिन अगर गैस लंबे समय तक लीक होती रहे, तो व्यक्ति की मौत हो जाती है।

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