गुफा में मिली कुंभकर्ण की 5000 ईसा पूर्व तलवार : क्या है वायरल हो रही तस्वीरों का सच ?

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में रामायण में वर्णित लंका के राजा रावण के छोटे भाई कुंभकर्ण की तलवार मिलने का बडा दावा किया जा रहा है। इसमें एक विशाल तलवार को भी दिखाया है। इन वायरल तस्वीरों की जांच के बाद अब इस दावे की सच्चाई और ​हकीकत सामने आ गई है।

भारत में दशहरा पर रावण दहन और दीपावली पर रामलीला करना आम बात है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि लंका के राजा रावण के छोटे भाई कुंभकर्ण की 5000 ईसा पूर्व की विशाल तलवार मिल गई है। इस वीडियो में तलवार के साथ कुछ लोग प्रोटेक्टिव गियर पहने हुए दिखाई दे रहे हैं, और इसे एक टनल के अंदर के हिस्से में रखा गया है। इस बारे में दावा किया गया है कि यह कुंभकर्ण की तलवार है। कुंभकर्ण लंका के राजा रावण का छोटा भाई था, जिसका वर्णन हिंदू महाकाव्य रामायण में मिलता है। चार स्लाइड दिखाने वाले इस वीडियो में कुंभकर्ण की तलवार के पास पुरातत्वविदों को खड़ा बताया गया है।

 टनल के अंदर का हिस्सा दिख रहा :  यह किसी टनल के अंदर का हिस्सा दिख रहा है। इसे शेयर करते हुए कई लोगों ने दावा किया है कि कुंभकर्ण की तलवार मिल गई है। वायरल वीडियो की सच्चाई जानने से पहले, चलिए देखते हैं कि इसमें क्या है। सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में चार स्लाइड हैं, जिसमें एक विशाल तलवार जमीन पर रखी हुई है। यह किसी टनल के अंदर का हिस्सा दिख रहा है, जिसके पास दो लोग प्रोटेक्टिव गियर पहने खड़े हैं। एक अन्य तस्वीर में तीन व्यक्ति विशाल तलवार को देखते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके चेहरे स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन वे तलवार के अनुपात में बहुत छोटे लग रहे हैं।

क्या है वायरल हो रही तस्वीरों का सच ?  न्यूजचेकर ने इन तस्वीरों की पड़ताल की कुंभकर्ण की इस तलवार मामले की जांच की गई तो  तो यह तथ्य पाया कि तलवार के पास मौजूद लोगों के चेहरे स्पष्ट नहीं थे। इसके साथ ही चारों तस्वीरों में अतिरिक्त चमकदार बनावट थी। ये सभी संकेत एआई इमेजरी की ओर इशारा करते हैं। यानी इन तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  का इस्तेमाल करके बनाया गया है।

एआई का इस्तेमाल कर बनी तस्वीर : इन तस्वीरों को एआई कंटेंट डिटेक्शन टूल ट्रू मीडिया ने चेक किया और बताया कि तीन तस्वीरों में ‘हेरफेर करने के पर्याप्त सुबूत मिले हैं।’ ट्रू मीडिया ने तस्वीरों का आकलन करने के बाद यह तथ्य पाया कि यह 99% आश्वस्त था कि विजुअल एआई का उपयोग करके बनाए गए थे। ट्रू मीडिया ने बताया कि यह तस्वीर स्टेबल डिफ्यूजन, मिडजर्नी, डैल ई 2 और अन्य एआई जेनरेटेड फोटो रियलिस्टिक विजुअल का इस्तेमाल करके बनाई गई है। इस आधार पर यह साबित होता है कि तस्वीर के बारे में किया जा रहा दावा झूठा है।

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