बरनाला : बरनाला जिला पुलिस ने एक दिलचस्प लेकिन गंभीर मामले का खुलासा करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक ईंट भट्ठा मालिक ने अपने साथियों के साथ मिलकर खुद को गैंगस्टर से धमकी दिलवाने की साजिश रची थी, ताकि उसे पुलिस सुरक्षा मिल सके और समाज में झूठी शोहरत भी हासिल हो सके। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर पूरे मामले का पर्दाफाश किया है।
एसएसपी मोहम्मद सरफराज आलम ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि ईंट भट्ठा मालिक शिवम मित्तल ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसे अज्ञात नंबरों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। शिकायत में कहा गया था कि फोन और व्हाट्सएप के जरिए 20 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस की तकनीकी टीम ने कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की। जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि यह धमकी किसी गैंगस्टर ने नहीं, बल्कि खुद शिकायतकर्ता की ओर से रची गई साजिश का हिस्सा थी। पुलिस के अनुसार शिवम मित्तल ने अपने ड्राइवर परमजीत सिंह और कर्मचारी गुरप्रीत सिंह के साथ मिलकर यह पूरी योजना बनाई थी। गुरप्रीत सिंह ने अपने दोस्त कुलवंत राय और कमलप्रीत को भी इस साजिश में शामिल कर लिया। दोनों आरोपी बठिंडा जिले के गांव भाई रूपा के रहने वाले हैं। इन आरोपियों ने अज्ञात नंबरों और व्हाट्सएप के माध्यम से वॉयस मैसेज भेजकर शिवम मित्तल को गैंगस्टर के नाम पर धमकियां दीं। योजना यह थी कि पुलिस को शिकायत देकर सुरक्षा हासिल की जाए और इलाके में खुद को प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में पेश किया जाए।
हालांकि पुलिस की तकनीकी जांच ने इस पूरे जाल को बेनकाब कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक 315 बोर का पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और एक इनोवा गाड़ी भी बरामद की गई है। पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने, झूठी जानकारी देने, माहौल खराब करने की कोशिश करने और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपितों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस अवसर पर एसपी अशोक कुमार, डीएसपी राजेंद्र पाल सिंह और सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर बलजीत सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
