कांस्य पदक विजेता सीमा ने कहा- यह मेरी मंजिल नहीं, देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना लक्ष्य; चौगान मैदान में बचपन की यादें ताजा कर हुईं भावुक
एएम नाथ। चंबा। एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर देश और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करने वाली चंबा के रेटा गांव की खिलाड़ी सीमा के ओलंपिक सपने को नई उम्मीद मिली है। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष नीता अंबानी ने सीमा को 30 अक्टूबर को मुलाकात के लिए आमंत्रित किया है। यह सीमा की नीता अंबानी के साथ पहली मुलाकात होगी। इस निमंत्रण से सीमा और उनके परिवार में खुशी का माहौल है।
इस मुलाकात से सीमा को अपने खेल करियर और ओलंपिक की तैयारियों के लिए सहयोग मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, मुलाकात में किस तरह की सहायता या योजना पर चर्चा होगी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सीमा ने बेहद कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए खेलों में सफलता हासिल की है। छोटी उम्र में पिता को खोने के बाद उनकी मां ने मेहनत-मजदूरी कर बेटी की परवरिश की और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सीमा की उपलब्धि के पीछे उनकी मेहनत के साथ मां का त्याग भी अहम रहा है।
जिस चौगान में खेलीं, वहीं मुख्य अतिथि बनकर पहुंचीं सीमा
देश का मान बढ़ाने वाली सीमा मंगलवार को चंबा के प्रसिद्ध चौगान मैदान में आयोजित जिलास्तरीय अंडर-19 खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं। जिस मैदान की धूल-मिट्टी में खेलकर उन्होंने अपने बचपन के दिन बिताए थे, उसी मैदान में सम्मानित अतिथि के रूप में स्वागत होने पर वह भावुक हो गईं।
अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए सीमा ने मां के त्याग को याद किया। उन्होंने कहा कि जीवन में कई लोगों का साथ मिला, लेकिन उनकी मां ने जिन मुश्किलों का सामना किया, उसे वह जिंदगीभर नहीं भूल सकतीं।
सीमा ने कहा, “कांस्य पदक मेरी मंजिल नहीं है। मेरा लक्ष्य देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।”
मां का हाथ पकड़कर मिंजर मेला देखने आती थीं
चौगान मैदान में अपने बचपन की यादें साझा करते हुए सीमा ने कहा कि वर्ष 2010 और 2012 में वह भी दूसरे बच्चों की तरह इसी मैदान में खेला करती थीं। एक समय वह अपनी मां का हाथ पकड़कर मिंजर मेला देखने यहां आती थीं।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बचपन में कभी नहीं सोचा था कि एक दिन इसी मैदान पर देश के लिए पदक जीतने के बाद मुख्य अतिथि के रूप में खड़ी होंगी। सीमा के लिए यह पल उनकी मेहनत, संघर्ष और मां के सपनों से जुड़ी यादों को ताजा करने वाला रहा।
हार से निराश न हों खिलाड़ी, दोगुनी मेहनत से लक्ष्य हासिल करें
सीमा ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि खेल में जीत और हार दोनों होती हैं। हारने वाले खिलाड़ियों को निराश होकर रुकना नहीं चाहिए, बल्कि दोगुनी मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने बच्चों से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि स्कूलों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकना बेहद जरूरी है। युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए पुलिस, प्रशासन और स्कूल प्रबंधन को मिलकर प्रयास करने चाहिए।
सीमा ने बच्चों से हाथ जोड़कर अपील की कि वे नशे से दूर रहें और सबसे पहले अच्छे इंसान बनें। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी या कर्मचारी बनने से पहले एक जिम्मेदार और अच्छा इंसान बनना जरूरी है।
