बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए समुदाय की भागीदारी पर जोर
पहले 1000 दिन और स्क्रीन टाइम कम करने को लेकर किया गया जागरूक
एएम नाथ। चम्बा : जिला चम्बा में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक आयोजित पोषण पखवाड़े का आज सफलतापूर्वक समापन किया गया। इस दौरान जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनका उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। समापन अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्रों में संतुलित आहार से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्रदर्शित किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश राय ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में इस पखवाड़े के दौरान सभी निर्धारित गतिविधियों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि इस अभियान में जिले के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर और पोषण अभियान से जुड़े खंड समन्वयकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
पोषण पखवाड़े के दौरान 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के मस्तिष्क विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौने दान करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा मिल सके।
इस दौरान बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर भी अभिभावकों को जागरूक किया गया और बच्चों के बेहतर मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए स्क्रीन टाइम कम करने की अपील की गई।
इसके अतिरिक्त, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। पोषाहार प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और बताया गया कि किस प्रकार स्थानीय खाद्य पदार्थों से पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है।
समापन समारोह के दौरान बरौर आंगनबाड़ी केंद्र में जिला समन्वयक विकास शर्मा ने बताया कि बच्चों के जीवन के पहले 1000 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
इस अवधि में उचित पोषण और देखभाल से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस विषय पर अधिक से अधिक जागरूकता फैलाएं।
पोषण पखवाड़े के सफल आयोजन से जिले में पोषण संबंधी जागरूकता को नई दिशा मिली है और समुदाय की भागीदारी भी बढ़ी है।
