समराला : प्रतिबंध के बावजूद चाइना डोर का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। समराला के नेशनल हाईवे बाइपास पर सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में चाइना डोर की चपेट में आकर 15 वर्षीय स्कूली छात्र तरनजोत सिंह की मौत हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई 21 वर्षीय प्रभजोत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है। मृतक तरनजोत सिंह वर्तमान सरपंच का इकलौता बेटा था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे प्रभजोत सिंह अपने चचेरे भाई तरनजोत सिंह को बाइपास के पास स्थित एक निजी स्कूल से छुट्टी के बाद लेने गया था।
दोनों मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव की ओर लौट रहे थे। जैसे ही वे भरथला मोड़ के समीप पहुंचे, सड़क के ऊपर हवा में लटक रही चाइना डोर अचानक उनके गले और शरीर में उलझ गई। चाइना डोर की तेज धार से तरनजोत सिंह के गले में गंभीर कट लग गया, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान हो गया। वहीं, प्रभजोत सिंह के गले और हाथों की उंगलियों में भी गहरे जख्म आए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभजोत ने तुरंत बाइक मोड़कर तरनजोत को सिविल अस्पताल समराला ले जाने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में तरनजोत ने दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही सिविल अस्पताल में ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ जमा हो गई। अस्पताल परिसर गमगीन माहौल में तब्दील हो गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।
घटना के बाद लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष देखा गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम चाइना डोर बेची और उड़ाई जा रही है, लेकिन संबंधित विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और चाइना डोर पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
