कटारू गांव की दीया बनी युवाओं के लिए प्रेरणा, 8.60+ CGPA के साथ किया क्षेत्र का नाम रोशन
शिक्षक पिता और गृहणी मां की बेटी दीया ने रचा सफलता का नया अध्याय
नरेंद्र भारती। जंजहली (मंडी) : सराज घाटी के जंजहली क्षेत्र के छोटे से गांव कटारू की होनहार बेटी दीया ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी की बीए (2023-26) बैच की टॉपर सूची में 10वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 8.60 से अधिक सीजीपीए प्राप्त कर दीया ने साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती और मेहनत करने वालों के लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
गवर्नमेंट कॉलेज सराज, लंबाथाच की छात्रा दीया का जन्म जंजहली के कटारू गांव में हुआ। पहाड़ी क्षेत्र की चुनौतियों और सीमित सुविधाओं के बावजूद उन्होंने शुरू से ही पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाया। पहले सेमेस्टर से लेकर अंतिम वर्ष तक उनका प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा। क्लास में नियमित उपस्थिति, व्यवस्थित नोट्स तैयार करना और समय पर असाइनमेंट जमा करना उनकी विशेष पहचान रही।
दीया की इस उपलब्धि के पीछे उनके माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता पेशे से अध्यापक हैं, जिन्होंने बचपन से ही शिक्षा के महत्व को समझाते हुए बेटी की पढ़ाई में हर कदम पर मार्गदर्शन किया। वहीं उनकी माता, जो गृहणी हैं, ने घर की जिम्मेदारियां संभालकर बेटी को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान किया।
दीया ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और निरंतर मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। पढ़ाई के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी और प्रतिदिन छह से सात घंटे एकाग्रता के साथ अध्ययन किया। उनका मानना है कि अनुशासन और निरंतर प्रयास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
दीया की उपलब्धि की खबर मिलते ही कटारू गांव में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर और शुभकामनाएं देकर बेटी की सफलता का जश्न मनाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीया ने यह साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
दीया आज क्षेत्र की छात्राओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे सराज क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और यह संदेश देती है कि बेटियों को अवसर और विश्वास मिले तो वे हर मुकाम हासिल कर सकती हैं।
