गढ़शंकर 31 जनवरी। गांव भज्जल में सीपीआईएम ने केंद्र सरकार द्वारा पास किए बिजली एक्ट 2025 और लेबर कानूनों के खिलाफ एक विशाल मीटिंग की। जिसे पार्टी के जिला सचिव और राज्य कमेटी के सदस्य कामरेड गुरनेक सिंह भज्जल और राज्य कमेटी के सदस्य कामरेड दर्शन सिंह मट्टू ने संबोधित करते हुए कहा कि आज 30 जनवरी को महात्मा गांधी की हत्या सांप्रदायिक कट्टरपंथी विचारधारा के व्यक्ति ने की थी, महात्मा गांधी को हम याद करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। महात्मा गांधी के नाम पर 2 जनवरी 2005 को मनरेगा कानून बनाया गया था। मजदूरों को काम करने का अधिकार मिला था, जिसे अब केंद्र की मोदी सरकार छीन रही है। इस कानून को कमजोर और खत्म किया जा रहा है। इसी तरह बिजली बिल 2025 के तहत बिजली का केंद्रीकरण और निजीकरण किया जा रहा है। सीड बिल और ट्रेड यूनियनों द्वारा संघर्षों के माध्यम से प्राप्त मजदूरों के अधिकारों के 29 कोड को चार कोड में बदल दिया गया है। न्यूक्लियर प्लांट को निजी हाथों में सौपने के खिलाफ, किसानों और मजदूरों का कर्ज माफ करवाने के लिए 12 फरवरी को होशियारपुर जिला लेवल पर देशव्यापी हड़ताल करने का आह्वान किया गया। संघर्ष को तेज करने के लिए साथियों को शपथ दिलाई गई कि जब तक केंद्र सरकार जनविरोधी कानून वापस नहीं ले लेती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर राजिंदर सिंह, पूर्व सरपंच सतनाम सिंह ढिल्लों, ससीपाल गोरखा, राम सिंह थिंद सुखा, बलविंदर सिंह, दर्शन सिंह ढिल्लों, हरभजन सिंह माहल, झलकन सिंह कुंअर, दविंदर सिंह बल्ली, राज सिंह सोहन सिंह, नंबरदार बलवीर सिंह, नरंजन सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरदीप सिंह आदि मौजूद थे।
