हरोली/बंगाणा (ऊना), 18 अप्रैल. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को ऊना जिले के हरोली और कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्रों में जल शक्ति विभाग की लगभग 13.50 करोड़ रुपये लागत की 8 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान विधायक विवेक शर्मा भी उनके साथ रहे।
उपमुख्यमंत्री ने हरोली विस में नलकूप आधारित 2.66 करोड़ की उठाऊ पेयजल योजना दुलैहड़, 1.04 करोड़ की उठाऊ सिंचाई योजना पोलियां (झोल माजरा), 1.95 करोड़ की उठाऊ पेयजल योजना हलेड़ा, बिलना, बाड़ेवाल, लूथडे एवं धुग्गे, 1.08 करोड़ की उठाऊ सिंचाई योजना बट्ट कलाँ, 1.06 करोड़ की उठाऊ सिंचाई योजना पालकवाह, 1.01 करोड़ की उठाऊ पेयजल योजना निचला बढेड़ा और 1.28 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना खड्ड (मोहल्ला डाडियां) का लोकार्पण किया।

इन परियोजनाओं के माध्यम से जहां एक ओर लगभग 7 हज़ार लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी, वहीं करीब 112 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई सुविधा के दायरे में आएगा, जिससे कृषि गतिविधियों को भी नई मजबूती मिलेगी।
इसके उपरांत श्री अग्निहोत्री ने कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के कोट गांव में 3.25 करोड़ की लागत से निर्मित चमियाड़ी-सिहाणा उठाई पेयजल योजना का लोकार्पण किया । इसके माध्यम से करीब 1100 की आबादी को लाभ पहुंचेगा। इस योजना के अंतर्गत 2 पंचायतों चमियाड़ी और सिहाण के 5 गांवों बसातर, चमियाड़ी, सुखनेड़ा कोट व मतोह और 10 बस्तियां लाभान्वित होंगी। यह योजना डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली से युक्त है।
*लोअर कुटलैहड़ को 46 करोड़ की सिंचाई योजना जल्द*
कुटलैहड़ के कोट में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 118 करोड़ रुपये की पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इनमें से करीब 62 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। शेष कार्यों को भी तेज गति से पूरा किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लोअर कुटलैहड़ की 46 करोड़ रुपये की सिंचाई योजना अगले दो महीनों के भीतर स्वीकृत कर दी जाएगी और इसके साथ ही इसका कार्य भी शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री द्वारा बंगाणा में शिलान्यास की गई 14.92 करोड़ रुपये की तुरकाल पंगा योजना को भी रिकॉर्ड समय में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने गोविंद सागर झील के साथ लगते अंदरोली क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय से बोटिंग सहित अन्य सुविधाओं के लिए सहमति प्राप्त हो चुकी है, जिसे शीघ्र ही धरातल पर उतारा जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड द्वारा गोविंद सागर झील के उपयोग पर जो प्रतिबंध थे, अब वे समाप्त हो चुके हैं। केंद्र सरकार से अब इसे लेकर अनुमति प्राप्त हो चुकी है। प्रदेश अब झील के उपयोग को योजनाएं बनाने में तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि गोविंद सागर झील पर प्रदेश का सबसे बड़ा मंदली-लठियानी पुल लगभग 600 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। सड़क सहित इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,000 करोड़ रुपये है। इस पुल के बनने से क्षेत्र को नई पहचान और कनेक्टिविटी मिलेगी।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि श्री चिंतपूर्णी माता मंदिर के भव्य निर्माण हेतु लगभग सवा 200 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे और अगले डेढ़ वर्ष में इसे नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने स्थानीय विधायक विवेक शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि वे निरंतर जनता के बीच रहकर कार्य कर रहे हैं, जो अत्यंत प्रशंसनीय है। वे जनता को समर्पित जनप्रतिनिधि होने की कसौटी पर खरे उतरे हैं और लगातार क्षेत्र को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। आगामी पंचायतीराज चुनावों का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे विकास के प्रति समर्पित और योग्य व्यक्तियों का चयन करें।

*विकास पथ पर तेजी से बढ़ रहा कुटलैहड़*
इस मौके विधायक विवेक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कुटलैहड़ के समग्र विकास का जो संकल्प उन्होंने जनता के सामने रखा था, उसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थाई समाधान लाए विशेष फोकस किया गया है, जिसके तहत योजनाओं का निर्माण और उन्नयन कार्य जारी है। पेयजल और सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया है।
उन्होंने कहा कि जनता से जो वादा किया था, उसे निभाना हमारी जिम्मेदारी है और उसी भावना के साथ विकास कार्य धरातल पर दिख रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री का कुटलैहड़ के विकास में लगातार आश्वाद के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और भी योजनाएं स्वीकृत होंगी, जिससे कुटलैहड़ के विकास को नई गति मिलेगी।
इस मौके जिला कांग्रेस अध्यक देशराज गौतम और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक विवेक मिंका ने कुटलैहड़ के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री अग्निहोत्री और विधायक विवेक शर्मा का आभार जताया।

*ऊना जिले में चल रहे 1000 करोड़ के पानी के काम*
वहीं, इससे पहले हरोली क्षेत्र में जनसभा में, श्री अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा जल शक्ति विभाग के माध्यम से ‘हर घर जल’ और किसानों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि ऊना जिले में वर्तमान में लगभग 1000 करोड़ रुपये की पेयजल और सिंचाई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इनमें करीब 550-600 करोड़ रुपये के पेयजल तथा 350-400 करोड़ रुपये के सिंचाई कार्य शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि भभौर साहिब से पोलियां बीत तक 175 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना को भी तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
*प्याऊ लगाएगा जलशक्ति विभाग*
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में बीत क्षेत्र समेत विभिन्न स्थानों पर जलशक्ति विभाग करीब 10 प्याऊ स्थापित करेगा । उन्होंने पुराने समय की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले लोग स्वयं राहगीरों की सुविधा के लिए प्याऊ लगाते थे और आशीर्वाद पाते थे, अब विभाग इस जिम्मेदारी को निभाएगा ताकि आमजन को सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए प्रथम चरण में 1 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई गए है।
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि एक समय पानी की किल्लत से जूझने वाला हरोली क्षेत्र आज उसी पानी के दम पर अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। पेयजल और सिंचाई क्षेत्र में हुए कामों ने यहां के जनजीवन को सहज बनाया है और खेती को नई ताकत दी है।
बीत सिंचाई योजना के पहले चरण में 44 करोड़ से विकसित सिंचाई सुविधा से यहां बदलाव की शुरुआत हुई और अब बीत सिंचाई योजना के दूसरे चरण में 75 करोड़ से 28 गांवों को उन्नत सिंचाई सुविधाएं देने का काम किया जा रहा है। खेतों तक पानी पहुंचने से खीरा, मटर, आलू, गोभी और करेला जैसी नकदी फसलें बड़े पैमाने पर उगाई जा रही हैं। कभी बंजर कही जाने वाली जमीन अब किसानों की आमदनी का मजबूत आधार बनती दिख रही है।
उन्होंने कहा कि प्राचीन टोबे-तालाबों का करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा कायाकल्प इस बदलाव को संतुलन भी दे रहा है। हमारे पूर्वजों ने दूरदर्शिता के साथ इनका निर्माण किया था ताकि पानी जमीन में जाए और ग्राउंड जल स्तर संतुलित रहे। हम इन तालाबों को जल संरक्षण और पर्यावरण के मजबूत सहारे के रूप में फिर से जीवंत करने के साथ इन्हें सुंदर बनाने और पर्यटन से भी जोड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूबोवाल में 2 करोड़ से तालाब का कायाकल्प किया गया है। इसके अलावा हीरा, बीटन, गोंदपुर बुलां और गोंदपुर जयचंद सहित विभिन्न स्थानों पर टोबों का नवीनीकरण कर उनका सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के महासचिव रणजीत राणा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, हरोली कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष संदीप अग्निहोत्री, कुटलैहड़ कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष विवेक मिंका, अशोक ठाकुर, जसपाल जस्सा, देशराज मौदगिल, सुरेखा राणा, सुभद्रा चौधरी,सत्य देवी सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी, उपयुक्त जतिन लाल, जलशक्ति विभाग के मुख्य अभियंता रोहित दूबे, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल,डीएसपी हरोली मोहन रावत, डीएसपी बंगाणा अजय ठाकुर, अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान, अधीक्षक अभियंता हरोली पुनीत शर्मा सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय जनता उपस्थित रही।
