एएम नाथ। केलांग, 23 सितंबर। घेपन ग्लेशियल झील के बढ़े जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने संभावित GLOF जोखिम से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त किरण भड़ाना ने करीब 14 किलोमीटर की कठिन पैदल चढ़ाई कर झील तक पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
10 विभागों के 15 अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम ने झील के जलस्तर, भू-भाग और संभावित जल बहाव मार्ग का निरीक्षण किया। टीम ने जलस्तर कम करने के सुरक्षित उपायों और आपदा प्रबंधन योजना पर भी मंथन किया।
प्रशासन के अनुसार, किसी आपदा की स्थिति में पानी आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंचने का प्रारंभिक अनुमान 22 मिनट है, जबकि स्थानीय परिस्थितियों में यह समय करीब 5 मिनट तक हो सकता है। इसे देखते हुए निकासी योजना, मॉक ड्रिल और त्वरित चेतावनी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि झील में अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने की दिशा में काम जारी है। GSI की विशेषज्ञ टीम भी झील का अध्ययन कर चुकी है। प्रशासन ने SDMA और NDMA के साथ समन्वय कर आसपास के ग्लेशियरों व पर्वतीय क्षेत्रों की वैज्ञानिक निगरानी सुनिश्चित करने की बात कही है।
