‘वैनिटी फेयर’ में प्रकाशित किताब के अंश से उठा विवाद; कुशनर ने आरोपों को बताया पूरी तरह झूठा, वकील ने भी बैंक खातों से संबंध होने से किया इनकार
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर को लेकर प्रकाशित एक नई रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। खोजी पत्रकार मैथ्यू कोल की आगामी किताब ‘प्रिंसेस एंड थीव्स: जेरेड कुशनर एंड मोहम्मद बिन जायद्स सीक्रेट प्लॉट टू रीमेक द मिडिल ईस्ट’ के एक अंश में दावा किया गया है कि नीदरलैंड की खुफिया एजेंसी ने कुशनर के फोन की गतिविधियों पर नजर रखी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान कथित तौर पर मध्य पूर्व से जुड़े बैंक खातों और बड़े वित्तीय लेन-देन के संकेत मिले थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कुशनर ने इन्हें सिरे से खारिज किया है।
अजरबैजान से दुबई के खाते में पहुंची थी रकम का दावा
‘वैनिटी फेयर’ में 22 अक्टूबर को प्रकाशित अंश के अनुसार, लेखक मैथ्यू कोल को 2020 में एक सूत्र से जानकारी मिली थी कि नीदरलैंड की खुफिया एजेंसी ने कुशनर के फोन तक पहुंच बनाई थी। लेखक के मुताबिक, निगरानी के दौरान दुबई स्थित एक बैंक खाते का इस्तेमाल किए जाने और उसमें अजरबैजान के एक बैंक से करोड़ों डॉलर आने की बात सामने आई थी।
लेखक ने अपने सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया कि कथित खाते से बड़ी रकम कुछ अन्य लोगों को हस्तांतरित की गई थी। इनमें एक युद्ध सरगना, एक भाड़े का सैनिक और पूर्व में हत्यारे के रूप में काम कर चुका व्यक्ति शामिल बताए गए हैं। ये दावे प्रकाशित रिपोर्ट और सूत्रों पर आधारित हैं; इन्हें किसी आधिकारिक जांच में साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
UAE और सऊदी अरब से जुड़े वित्तीय इंतजामों का आरोप
किताब के प्रकाशित अंश में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब से जुड़े कथित वित्तीय इंतजामों का भी उल्लेख है। रिपोर्ट में अलग-अलग खातों में अरबों डॉलर की रकम होने और उनके मध्य पूर्व की कूटनीतिक रणनीतियों से जुड़े होने के आरोप लगाए गए हैं।
लेखक का दावा है कि इन कथित व्यवस्थाओं का संबंध ट्रंप प्रशासन की मध्य पूर्व नीति, इजरायल के साथ संबंधों और क्षेत्रीय राजनीतिक हितों से था। हालांकि, रिपोर्ट में वर्णित खातों पर कुशनर की कथित पहुंच और उनके व्यक्तिगत स्वामित्व या लाभ के बीच अंतर स्पष्ट रखना जरूरी है। कुशनर के वकील ने कहा है कि ऐसे बैंक खाते मौजूद ही नहीं थे और उनके मुवक्किल का उनसे कोई संबंध नहीं था।
कुशनर ने X पर दी सफाई, आरोपों को बताया मनगढ़ंत
कुशनर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर रिपोर्ट और किताब में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उनका कहना है कि लेखक को उनकी ओर से सभी दावों का खंडन किया गया था, लेकिन आरोपों के समर्थन में कोई सत्यापन योग्य दस्तावेज सामने नहीं रखे गए।
कुशनर ने सवाल उठाया कि यदि इतने बड़े वित्तीय लेन-देन हुए थे, तो उनके समर्थन में बैंक स्टेटमेंट, खाते के नंबर, वायर ट्रांसफर रिकॉर्ड या लेन-देन की तारीखें क्यों नहीं दी गईं। उन्होंने इन आरोपों को कल्पना और पक्षपात पर आधारित बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए दावे कभी साबित नहीं हुए।
वकील ने भी किया इनकार
कुशनर के वकील ने भी कथित खातों और वित्तीय लेन-देन से उनके संबंध होने से इनकार किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ऐसे खाते मौजूद नहीं हैं। इस मामले में आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों और स्वतंत्र पुष्टि का सवाल अहम बना हुआ है।
आरोपों और खंडन के बीच स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार
इस पूरे विवाद का आधार मैथ्यू कोल की आगामी किताब का प्रकाशित अंश और उसमें उद्धृत सूत्रों की जानकारी है। फिलहाल इन आरोपों को लेकर किसी सार्वजनिक आधिकारिक निष्कर्ष या अदालत के फैसले की पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में कथित अरबों डॉलर के फंड और भाड़े के सैनिकों को रकम भेजने के दावों को सिद्ध अपराध के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
कुशनर ने आरोपों को खारिज किया है, जबकि उनके वकील ने भी कथित बैंक खातों से संबंध होने से इनकार किया है। आगे इस मामले में कोई स्वतंत्र दस्तावेज, आधिकारिक बयान या जांच संबंधी जानकारी सामने आती है तो विवाद की वास्तविक स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
