ड्रग सेंसस की आड़ में किया जा रहा निजी पार्टी का राजनीतिक सर्वे : डीटीएफ

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ड्रग एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वे के नाम पर शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटियां लगाए जाने के विरोध में डीटीएफ ने किया रोष प्रदर्शन
गढ़शंकर, 14 जून : पंजाब सरकार द्वारा ड्रग एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वे के नाम पर शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटियां लगाए जाने के विरोध में आज डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) के नेतृत्व में शिक्षकों ने हाजिरी केंद्र पर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है और शिक्षकों पर जबरन गैर-शैक्षणिक कार्य थोपे जा रहे हैं।
धरने को संबोधित करते हुए डीटीएफ के प्रदेश नेता मुकेश कुमार, सुखदेव डांसीवाल और विनय कुमार ने कहा कि एक ओर सरकार द्वारा इस सर्वे के लिए स्वेच्छा से कर्मचारियों की सेवाएं लेने संबंधी विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों द्वारा शिक्षकों की जबरन ड्यूटियां लगाकर उन्हें सर्वे कार्य करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सर्वे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के माध्यम से लोगों से सरकार की योजनाओं और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों संबंधी राय ली जानी है। ऐसे में यह सर्वे किसी विशेष राजनीतिक दल के हितों के लिए जनमत जुटाने अथवा भविष्य की राजनीतिक रणनीति तैयार करने का माध्यम प्रतीत होता है।
इस अवसर पर संगठन के नेताओं रुपिंदर सिंह, इंद्रजीत कौर और परजिंदर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने सार्वजनिक रूप से वादा किया था कि शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं करवाए जाएंगे और उन्हें शिक्षण कार्य के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन इसके विपरीत लगातार शिक्षकों को जनगणना, बीएलओ, चुनावी ड्यूटी, ड्रग सर्वे, तीर्थ यात्रा योजनाओं तथा हेल्थ कार्ड बनाने जैसे कार्यों में लगाया जा रहा है।
नेताओं ने कहा कि शिक्षकों को बार-बार स्कूलों से बाहर ड्यूटी पर भेजे जाने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिसका सबसे अधिक असर गरीब एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है।
धरने के दौरान तहसीलदार मुनीश कुमार ने मौके पर पहुंचकर शिक्षकों का मांग-पत्र प्राप्त किया। उन्होंने शिक्षकों की मांगों और तर्कों को सुनने के बाद आश्वासन दिया कि उनकी मांगें एसडीएम गढ़शंकर तक पहुंचा दी जाएंगी।
शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस रवैये का विरोध करते हुए निर्णय लिया कि 15 जून को सभी शिक्षक संगठन संयुक्त रूप से एक विशाल प्रतिनिधिमंडल के साथ एसडीएम गढ़शंकर से मुलाकात करेंगे और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए शिक्षकों की लगाई गई गैर-शैक्षणिक ड्यूटियों को रद्द करने की मांग करेंगे।

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