तीसा के 48 शिक्षकों ने लिया जीवन कौशल शिक्षा पर विशेष प्रशिक्षण

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62 सरकारी स्कूलों में कार्यक्रम का होगा क्रियान्वयन

एएम नाथ। (तीसा) चम्बा :  नीति आयोग (भारत सरकार) के आकांक्षी खंड कार्यक्रम के अंतर्गत मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन एवं हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से चंबा जिले के दो आकांक्षी खंडों में 62 सरकारी स्कूलों में जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यह कार्यक्रम छात्रों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक जीवन से जुड़े आवश्यक कौशलों से सुसज्जित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को ऐसी गतिविधियों के माध्यम से शिक्षित किया जाएगा, जो उनके अंदर समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता, आत्म-प्रबंधन, रचनात्मकता, सहानुभूति, आत्म-जागरूकता, अनुकूलनशीलता, संवाद कौशल, सहयोग, वार्ता कौशल और आत्मविश्वासपूर्ण अभिव्यक्ति जैसे 11 प्रमुख जीवन कौशलों का विकास करेंगी। इन कौशलों के माध्यम से विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक रूप से, बल्कि सामाजिक एवं भावनात्मक रूप से भी सशक्त बन सकेंगे।
इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए तीसा ब्लॉक के 31 स्कूलों से चयनित 48 शिक्षकों को 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक राजकीय महाविद्यालय तीसा में तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के विशेषज्ञों द्वारा संचालित किया गया, जिसमें शिक्षकों को विषयवस्तु, गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति और मूल्यांकन प्रक्रियाओं की गहन जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दूसरे दिन उप-निदेशक प्राथमिक शिक्षा (डिप्टी डायरेक्टर एलिमेंट्री एजुकेशन) श्री बलवीर सिंह ने कार्यक्रम में शिरकत की और प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने जीवन कौशल शिक्षा के महत्व पर विस्तार से अपने विचार साझा किए और बताया कि यह शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास में कितनी अहम भूमिका निभाती है।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर, समग्र शिक्षा, श्री घनश्याम ठाकुर ने समापन सत्र में भाग लिया। उन्होंने प्रशिक्षण की विस्तृत फीडबैक ली और आगामी समय में कार्यक्रम को विद्यालयों में किस प्रकार प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, इस पर विचार-विमर्श किया।
यह कार्यक्रम मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन, नीति आयोग एवं हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रभावी संचालन हेतु जिला और खंड स्तर पर सतत निगरानी एवं सहयोग की व्यवस्था की गई है।
जीवन कौशल शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव है। यह कार्यक्रम न केवल उनके आत्मविश्वास, सोचने की क्षमता और व्यवहारिक समझ को मजबूत करेगा, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी तैयार करेगा। बेहद गर्व का विषय है कि चंबा के शिक्षक इस परिवर्तनकारी पहल का हिस्सा बन रहे हैं।

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