गिरफ्तार युवक की बहन का दावा- नशे का इंजेक्शन लगाने से हुई मौत, हत्या के आरोप में भाई को फंसाया गया; पुलिस ने डीवीआर और मोबाइल फोन कब्जे में लिया
मानसा। गांव भम्मे कलां के दलजीत सिंह (35) का गुरुवार को मौत के आठवें दिन अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनकी बहन अमरजीत कौर ने भाई की अर्थी को कंधा देकर अंतिम विदाई दी। दूसरी तरफ, दलजीत की मौत से पहले का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। इस फुटेज के आधार पर गिरफ्तार युवक मनदीप सिंह की बहन ने दावा किया है कि दलजीत की हत्या नहीं हुई, बल्कि नशे का इंजेक्शन लगाने से उसकी मौत हुई थी।
परिजनों के अनुसार, घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में दलजीत फोन पर बात करते हुए सिरिंज लेकर बाथरूम में जाता दिखाई दे रहा है। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर घर में मौजूद युवकों ने उसे देखा तो वह बेसुध हालत में मिला। गिरफ्तार युवक के परिवार ने पुलिस से पूरी फुटेज की निष्पक्ष जांच करवाने और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की है।
गौरतलब है कि 27 अक्टूबर की सुबह दलजीत सिंह का शव मानसा जिले के गांव रामानंदी के निकट खेतों में मिला था। पुलिस ने शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की थी।
बहन ने हत्या के आरोपों को बताया गलत
गिरफ्तार मनदीप सिंह की बहन का आरोप है कि उसके भाई और अन्य युवकों को हत्या के मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। उसने बताया कि मनदीप काफी समय से नशे का आदी था। परिवार ने उसका तलवंडी साबो स्थित नशा मुक्ति केंद्र में इलाज भी करवाया था। करीब छह-सात महीने पहले वह नशे से जुड़े एक मामले में जेल भी जा चुका था। जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा नशा करना शुरू कर दिया था। पहले वह चिट्टा पन्नी पर इस्तेमाल करता था और बाद में इंजेक्शन से नशा करने लगा। इसी कारण परिवार ने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे।
बाथरूम में बेसुध मिला था दलजीत
मनदीप की बहन के मुताबिक, दलजीत अपने तीन साथियों के साथ रामानंदी निवासी मनदीप के घर आया था। वहां युवकों ने नशा किया। इसी दौरान दलजीत का कुछ साथियों के साथ झगड़ा भी हुआ। इसके बाद कुछ युवक वहां से चले गए। बहन का दावा है कि दलजीत सिरिंज लेकर बाथरूम में गया और काफी देर तक बाहर नहीं आया। मनदीप और उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक ने दो-तीन बार जाकर उसे देखा। बाद में वह बेसुध हालत में मिला।
परिवार का कहना है कि युवकों ने दलजीत को बाथरूम से बाहर निकालकर होश में लाने की कोशिश की और उसे नींबू पानी भी पिलाया। इसके बाद उसे गाड़ी में ले जाने का प्रयास किया गया। बहन के अनुसार, दलजीत ने उस समय घर छोड़ने की बात कही थी, क्योंकि उसे डर था कि घरवाले उसे डांटेंगे। बाद में उसे चारपाई पर लिटा दिया गया।
अन्य युवकों की भूमिका की जांच की मांग
मनदीप की बहन ने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में कुछ अन्य युवक भी दलजीत के साथ हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। इनमें गांव भम्मे कलां के तीन युवक भी शामिल बताए जा रहे हैं। उसने सवाल उठाया कि यदि घटना के दौरान अन्य युवक भी मौजूद थे और मारपीट हुई थी तो उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
बहन ने कहा कि यदि उसके भाई और अन्य युवकों की मंशा दलजीत की हत्या करने की होती तो वे उसे होश में लाने की कोशिश क्यों करते और नींबू पानी क्यों पिलाते? परिवार के पास घटना से संबंधित वीडियो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पुलिस ने डीवीआर और मोबाइल फोन कब्जे में लिया
मनदीप की बहन के अनुसार, घटना के बाद पुलिस ने शुरुआत में घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग नहीं ली थी। बाद में परिवार की ओर से फुटेज का मुद्दा उठाए जाने पर पुलिस उनके घर पहुंची और कैमरों का डीवीआर कब्जे में ले लिया। परिजनों का दावा है कि पुलिस ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से जुड़े मोबाइल फोन को भी अपने कब्जे में लिया है।
फिलहाल मामले में नशे के ओवरडोज से मौत और हत्या के आरोपों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच के बाद ही दलजीत की मौत के वास्तविक कारणों तथा घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
