रोहड़ू-रामपुर में मुख्यमंत्री का तीन दिवसीय प्रवास; 415.80 करोड़ रुपये की 89 विकास परियोजनाओं को गति, ग्रामीणों से सीधा संवाद
एएम नाथ। शिमला, 4 अक्तूबर: हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में विकास की असली चुनौती उन दूरदराज गांवों में दिखाई देती है, जहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं आज भी लोगों के जीवन की दिशा तय करती हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का 1 से 3 अक्तूबर तक रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों का दौरा केवल योजनाओं के उद्घाटन और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद का अवसर भी बना।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने रोहड़ू के भटवाड़ी और रामपुर के काशा-पाट में रात्रि प्रवास किया। सरकार के अनुसार, इन दोनों दुर्गम क्षेत्रों में किसी मुख्यमंत्री का यह पहला रात्रि प्रवास रहा। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सीधे सुनी गईं और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
रोहड़ू को 182.87 करोड़, रामपुर को 232.93 करोड़ की परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में 182.87 करोड़ रुपये की लागत वाली 61 विकास परियोजनाओं तथा रामपुर विधानसभा क्षेत्र में 232.93 करोड़ रुपये की 28 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ/लोकार्पण और घोषणाएं कीं। इस तरह दोनों क्षेत्रों में कुल 415.80 करोड़ रुपये की 89 विकास परियोजनाओं को गति मिली।
दौरे के दौरान लोगों ने सड़क, शिक्षा, परिवहन, पेयजल और सामुदायिक सुविधाओं से संबंधित समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। कई मामलों में मौके पर ही घोषणाएं की गईं।
चिट्टा विरोधी रैलियों में नशे के खिलाफ संदेश
मुख्यमंत्री ने रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित एंटी-चिट्टा रैलियों में भी हिस्सा लिया। उन्होंने प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
छात्रा की मांग पर स्कूल भवन के लिए 2 करोड़
रोहड़ू स्थित पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान एक छात्रा ने नए स्कूल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने इस मांग को स्वीकार करते हुए भवन निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
इसी तरह रामपुर बुशहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली के भवन निर्माण की मांग सामने आई। मुख्यमंत्री ने इसके लिए भी दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
रामपुर विधानसभा क्षेत्र के काशा-पाट में नए स्कूल भवन के लिए भी दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई। गांव में खेल मैदान विकसित करने की बात भी कही गई।
रोहड़ू में स्वास्थ्य, प्रशासन और शिक्षा से जुड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संदासू को स्तरोन्नत कर सिविल अस्पताल बनाने, समरकोट में सब-तहसील खोलने तथा चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय खोलने के लिए सर्वे करवाने की घोषणा की।
जांगला और चिड़गांव के स्कूलों को सीबीएसई स्कूल बनाने की घोषणा भी की गई। रामपुर विधानसभा क्षेत्र के तकलेच स्कूल को भी सीबीएसई के अंतर्गत लाने की घोषणा हुई।
बागवानों और पशुपालकों के लिए घोषणाएं
चिड़गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों के लिए भी घोषणाएं कीं। सरकार के अनुसार, 1 दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की जाएगी।
मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत खरीदे जाने वाले सेब के खरीद मूल्य में भी एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की घोषणा की गई। इसके बाद एमआईएस के तहत सेब 12 रुपये के बजाय 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा।
गांव के द्वार पहुंची सरकार
रोहड़ू के भटवाड़ी में आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। महिला मंडलों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की गई। बरशील पुल को वाहन योग्य बनाने का आश्वासन तथा चिंगवाड़ी सड़क के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा हुई।
पेखा-दिऊदी महिला मंडल भवन के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये तथा धमवाड़ी स्कूल को सीबीएसई बनाने की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इससे क्षेत्र के बागवानों को अपनी सेब की फसल मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलने की बात कही गई।
काशा-पाट से रामपुर तक बस सेवा का प्रयास
काशा-पाट में ग्रामीणों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए काशा-पाट से तकलेच होते हुए रामपुर तक बस सेवा शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
1,471 श्रमिकों को 5.78 करोड़ रुपये की सहायता
नोगली में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के 1,471 पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 5,78,81,725 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री का रोहड़ू और रामपुर दौरा इस मायने में महत्वपूर्ण रहा कि विकास योजनाओं और बजट घोषणाओं के साथ ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुनने पर भी जोर दिया गया। दुर्गम क्षेत्रों में रात्रि प्रवास और विद्यार्थियों, किसानों, बागवानों, महिलाओं तथा स्थानीय लोगों से संवाद ने सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच को सामने रखा।
