वंदे मातरम् के साथ किसी प्रकार की काट-छाँट बर्दाश्त नहीं, संसद से बने कानून का सम्मान करें मुख्यमंत्री
एएम नाथ। शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू यह बात साफ-साफ समझ लें कि यह देश संसद से पारित कानून और संविधान से चलेगा, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फरमान से नहीं। इसलिए मुख्यमंत्री वंदे मातरम् का लगातार अपमान करने वाले गांधी परिवार और कांग्रेस का पिछलग्गू बनने के बजाय संविधान और देशवासियों की राष्ट्रीय चेतना के गीत वंदे मातरम् का सम्मान करें। उनके द्वारा वंदे मातरम् के दो छंद गाए जाने का बयान अत्यंत निंदनीय और देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान है।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के सभी छंदों को गाए जाने को लेकर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति महोदय की स्वीकृति मिलने के बाद कानून बन गया है। इसके तहत धारा 3 में संशोधन करके ऐसा प्रावधान किया गया है कि राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का अपमान करने और इसके गायन में व्यवधान करने वाले के लिए सजा का प्रावधान है। तुष्टिकरण के लिए देश की पहचान और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों के अपमान के दिन अब लद गए हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि 1937 में कांग्रेस ने संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन बंद कर दिया था, ताकि मुस्लिम लीग नाराज न हो। इसका परिणाम यह हुआ कि देश के साथ-साथ वंदे मातरम् के भी दो टुकड़े हो गए थे। अब जब 75 साल बाद वंदे मातरम् फिर से पूरा गाया जा रहा है और लाल किले की प्राचीर से यह गीत गूंज रहा है, तो यह कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। जिस तरह से कांग्रेस के नेताओं ने वंदे मातरम् का अपमान किया, वह अक्षम्य है। अब यह नहीं चलेगा। वंदे मातरम् का अपमान देश सहन नहीं करेगा। जो भी वंदे मातरम् का अपमान कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस को राष्ट्र गौरव के प्रतीकों का सम्मान करना होगा। हिमाचल के मुख्यमंत्री वीर भूमि की भावना समझें और वंदे मातरम् के दो छंदों के गायन को लेकर दिए गए बयान पर माफी मांगें।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज हिमाचल के सदन की एक गरिमा रही है, इसलिए सरकार और अध्यक्ष महोदय को उस गरिमा का सम्मान करना होगा। यदि विधानसभा में संसद द्वारा पारित कानून के अनुसार वंदे मातरम् का गायन नहीं किया जाएगा, तो भारतीय जनता पार्टी इसका डटकर विरोध करेगी। सदन नियमों के हिसाब से चलेगा, कांग्रेस वर्किंग कमेटी और गांधी परिवार के आदेश के हिसाब से नहीं। अध्यक्ष महोदय स्वयं को विधि विशेषज्ञ बताते हैं, इसलिए उन्हें कानून का सम्मान करते हुए वंदे मातरम् में किसी प्रकार की काट-छाँट से परहेज करना चाहिए।
