धमान्दरी के जरूरतमंद परिवार को मिला शासन-प्रशासन का संबल : सरोज कुमारी और उनका बेटा नवीन कुमार मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे

by
रोहित जसवाल।  ऊना, 29 मार्च. जिला प्रशासन ऊना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धमान्दरी पंचायत में एक जरूरतमंद परिवार की कठिन परिस्थितियों में तत्काल सहायता सुनिश्चित की है। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा और उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने शनिवार को स्वयं धमान्दरी का दौरा कर हालात का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि पीड़ित परिवार को अविलंब हर संभव सहायता मिले। विधायक ने सरकार की ओर से संपूर्ण मदद का आश्वासन दिया।
विधायक शर्मा ने प्रशासन को निर्देश दिए कि इस मामले में तत्परता से कदम उठाए जाएं, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार हर नागरिक के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, और इस परिवार को पूरी सहायता मिलेगी।
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में कराया गया स्वास्थ्य मूल्यांकन
बाद में, उपायुक्त ने बताया कि श्रीमती सरोज कुमारी और उनके बेटे नवीन कुमार का स्वास्थ्य मूल्यांकन क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में कराया गया। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्याएं सामने आई हैं, जबकि अन्य सभी जांच सामान्य पाई गईं। उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आगे उनके उपचार और देखभाल के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उनके सगे-संबंधियों से भी इस संबंध में परामर्श लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य हर जरूरतमंद को समय पर सहायता पहुंचाना है। इस परिवार को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। प्रशासन दीर्घकालिक सहायता योजना पर भी विचार कर रहा है, जिसमें पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य उपचार के विशेष प्रबंध शामिल हो सकते हैं।
बी.पी.एल. श्रेणी में है परिवार, सरकार की आवास योजना का मिल चुका है लाभ
गौरतलब है कि शुक्रवार को मामला संज्ञान में आते ही उपायुक्त ने बीडीओ ऊना को ग्राम पंचायत से रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश दिए थे। ग्राम पंचायत की रिपोर्ट में बताया गया कि धमान्दरी गांव की निवासी श्रीमती सरोज कुमारी और उनका बेटा नवीन कुमार मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। परिवार में कोई सहारा नहीं है, क्योंकि सरोज कुमारी के पति स्वर्गीय ओम प्रकाश का पहले ही निधन हो चुका है।
यह परिवार बी.पी.एल. श्रेणी में आता है और सरकार की आवास योजना के तहत इन्हें सहायता मिल चुकी है। बावजूद इसके, उनके पास कोई स्थायी आय का स्रोत नहीं है, जिससे जीवनयापन अत्यंत कठिन हो गया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने इस परिवार को राहत देने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाए हैं, ताकि वे बेहतर जीवन जी सकें।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

सीएम भगवंत मान को दी धमकी : बेअंत सिंह की तरह उड़ा देंगे…खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने दी धमकी

खालिस्तानी आतंकवादी और सिख फॉर जस्टिस  प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने गणतंत्र दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को जान से मारने की धमकी दी है। पन्नू ने भगवंत सिंह मान को बम...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सरकार ही माता-पिता : जिन बच्चों के मां.बाप नहीं

शिमला : मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार 101 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री सुखाश्रय सहायता कोष स्थापित करेगी। इसके माध्यम से जरूरतमंद बच्चों एवं निराश्रित महिलाओं को उच्च एवं...
article-image
पंजाब

दूसरी बेटी होने पर सरकार की ओर से 6000 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी : कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर

चंडीगढ़ : भगवंत मान सरकार ने लड़कियों के लिंग अनुपात में सुधार करने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम की जानकारी खुद सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

प्रदेश भर में कुल 176 चिन्हित स्थानों पर की गई नाकाबंदी : एन.डी.पी.एस. अधिनियम के तहत 05 अभियोग किए गए दर्ज

प्रदेश पुलिस ने संचालित किया विशेष नाका अभियान एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के अंतर्गत ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ के लक्ष्य को हासिल करने के...
Translate »
error: Content is protected !!