नंगल शहर की धडक़न ट्रेड युनियन के धाकड़ नेता और लोगो को धर्म के साथ जोडऩे वाले तुलसी राम मट्टू के इस दुनिया से जाने से शुन्य की स्थिति उत्पन्न : कामरेड तुलसी राम मट्टू की आत्मिक शांति के लिए कल 21 अप्रैल को बीबीएमबी आडोटोरियम, गरूण पुराण के भोग डाला जाएगा

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नंगल : नंगल शहर की धडक़न ट्रेड युनियन के धाकड़ नेता और लोगो को धर्म के साथ जोडऩे वाले तुलसी राम मट्टू 8 अप्रैल, 2024 को 71 वर्ष की आयू इस दुनिया को अलविदा कह गए थे। उनकी आतिमक शांति के लिए रखे गरूड़ प्राण का भोग व रस्म पगड़ी का आयोजन कल 21 अप्रैल को बीबीएमबी आडोटोरियम, निकट सीनियर सैकंडरी स्कूल लडक़ेए नंगल टाऊनशिप में किया जा रहा है। इस दौरान, समाजिक, धार्मिक, राजनीतिक व ट्रैड युनियन के नेता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भी पहुंच रहे है।
तुलसी राम मट्टू के प्रभू चरणों में विराजमान होने से उनके परिवार को, नंगल शहर वासियों को कभी भी पूरा ना होने तो घाटा पड़ा ही है। इसके ईलावा ट्रेड युनियन में कर्मचारियों की जोरदार अवाज, राजनीतिक क्षेत्र में स्पष्ट लाईन लगा कर राजीनीती करने वाले नेता और पंजाब में उनके साथ जुुडे विभिन्न वर्गो के लोगों के साथ हर दुख सुख में खड़ा होने वाली शख्सियत तुलसी राम मट्टू के इस दुनिया से जाने से शुन्य की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने लोगो को दिलों में कितनी अहम जगह थी उसका पता उनकी अंतिम यात्रा में हजारों की संख्यां में पहुंचे नम आखों से लोगों के पहुंचने से साफ हो गई थी।
तुलसी राम मट्टू कम्युनिसट लहर के साथ लंबे समय तक जुडे रहे और फिर भारतीय जनता पार्टी से जुडे गए थे। लेकिन उनका भाजपा में भी लोगों के लिए खड़े रहने का स्टाईल पहले की तरह उनके व्यबहार में झलकता था। जब भी किसी को भी वह कहीं भी मिलते तो उनके चिहरे पर आने वाली मुस्कराहट और उनका गर्मजोशी से मिलने का तरीका आज भी हर एक को याद आता तो उनका चिहरा साहमने आ जाता है।
तुलसी राम मट्टू को अगर याद किया जाए तो उनके दुारा पूरी जिंदगी कर्मचारियों व लोगों के लिए संघर्ष के नाम से सदियों तक याद किया जाता रहेगा। उन्होंने बीबीएमबी, एनएफएल में कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और संघर्ष कर उनके अधिकार दिलाने का सिलसिला जो बुहत पहले शुरू किया था उसे अंतिम समय तक जारी रखा। वह हमेशा जुल्म के खिलाफ और हर जरूरतमंद के साथ डअ कर खड़े हो जाते थे। धार्मिक क्षेत्र में भी उन्होंने अहम भुमिका अदा करते हुए धर्म के साथ लोगों को जोडऩे के लिउ लगातार कार्य किया। उन्होंने ने समाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और ट्रेड युनियनों जिस तरह हमेशा बिना डरे बिना झुके फ्रंट फुट पर आकर काम किया उसे नंगल सहित पंजाब व हिमाचल प्रदेश के लोग हमेशा याद करते रहेगे। उनके जाने से इन सभी क्षेत्रों में अपूर्णीय घाटा पड़ा है। उसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता।
तुलसी राम मट्टू यहां खुद इस दुनिया को अलविदा कह गए लेकिन अपने पुत्रों पार्षद रणजीत सिंह मट्टू उर्फ लक्की, वरिंद्र मट्टू प्रधान आदि अंबेडकर समाज नंगल, विश्वानाथ मट्टू सेनेटरी इंस्पेकेरए अजय मट्टू व विजय मट्टू तथा दो भाईयों राम लुभाया व अशोक कुमार को लोगो के लिए दिन रात काम करने की शिक्षा देकर गए है। यह सभी लगातार उनके साथ समाज सेवा के कार्य में जुटे रहते थे तो अब इन सभी के कंधों पर उनके दुारा किए कार्याे को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है।

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