गढ़शंकर। नशामुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार को स्कूल ऑफ एमिनेंस गढ़शंकर में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की पंजाब राज्य शाखा के नेतृत्व में जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार की अध्यक्षता स्कूल की प्रिंसिपल शिवानी अग्निहोत्री ने की।
नवांशहर स्थित रेड क्रॉस एकीकृत पुनर्वास केंद्र के परियोजना निदेशक चमन सिंह ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से प्राकृतिक आपदाओं, नशामुक्ति और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी।
चमन सिंह ने कहा कि कम उम्र में नशे की शुरुआत युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी के बहकावे में आकर नशीले पदार्थों का सेवन न करने और जीवन की समस्याओं का सामना सकारात्मक तरीके से करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि परिवार में कोई व्यक्ति नशे की लत से पीड़ित है तो उसके साथ भेदभाव करने के बजाय उसे उपचार के लिए नशामुक्ति केंद्र तक पहुंचाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को पंजाबी संस्कृति से जुड़ने और शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनियां पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
केंद्र के कर्मचारी प्रवेश कुमार ने पुनर्वास केंद्र की सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति अपनी इच्छा से एक महीने के लिए केंद्र में दाखिल होकर निःशुल्क उपचार प्राप्त कर सकता है।
प्रिंसिपल शिवानी अग्निहोत्री ने रेड क्रॉस टीम का आभार जताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक करने के लिए भविष्य में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर मोहन सिंह, सतनाम सिंह, जसपाल, चेतन, कंवर अश्वनी सिंह सहित स्कूल स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन: स्कूल ऑफ एमिनेंस गढ़शंकर में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करते रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य।
