पंजाब समेत 7 राज्यों में फैला था नेटवर्क; मोहाली में औद्योगिक प्लाट, दुकानें और अपार्टमेंट शामिल, अब तक 17 गिरफ्तार
चंडीगढ़। फार्मास्युटिकल दवाओं की अवैध सप्लाई और तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पंजाब समेत सात राज्यों में फैले इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की 20.10 करोड़ रुपये मूल्य की 25 संपत्तियां फ्रीज कर दी हैं। इनमें ज्यादातर संपत्तियां मोहाली जिले में स्थित हैं। औद्योगिक प्लाट, व्यावसायिक इकाइयां, शॉप-कम-ऑफिस और अपार्टमेंट भी कार्रवाई के दायरे में आए हैं।
NCB के मुताबिक, सक्षम प्राधिकरण ने स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (फॉरफीचर ऑफ प्रॉपर्टी) एक्ट, 1976 और NDPS एक्ट की धारा 68F(2) के तहत संपत्तियां फ्रीज करने के आदेशों को मंजूरी दी है। अब संबंधित संपत्तियों को पूर्व अनुमति के बिना बेचा, हस्तांतरित या इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। जांच में आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों के वैध आय स्रोतों का संतोषजनक प्रमाण नहीं मिला।
मोहाली में कई स्थानों पर संपत्तियां फ्रीज
फ्रीज की गई संपत्तियों में गिल्को इंडस्ट्रियल पार्क, मोहाली सिटी सेंटर-3, मोहाली सिटी सेंटर वाक, जनता इंडस्ट्रियल एस्टेट, गैलेक्सी हाइट्स-2, क्वीनस्टाउन और जेएलपीएल की संपत्तियां शामिल हैं।
इस मामले में अंबाला कैंट के एक परिवार के तीन सदस्य कोनिक गोयल, मानिक गोयल और उनके पिता परशोत्तम लाल गोयल फरार बताए गए हैं। NCB के अनुसार, समन और गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद वे जांच में शामिल नहीं हुए। सुप्रीम कोर्ट भी उनकी अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर चुका है।
अमृतसर से शुरू हुई थी जांच
मामले की शुरुआत 7 फरवरी 2025 को हुई थी। उस समय NCB ने अमृतसर में 5,000 ट्रामाडोल टैबलेट बरामद की थीं। दवाओं की पैकेजिंग पर हरिद्वार की एक कंपनी को निर्माता और देहरादून की दूसरी कंपनी को मार्केटिंग फर्म बताया गया था। जांच में मार्केटिंग कंपनी के वास्तविक अस्तित्व पर सवाल सामने आए।
इसके बाद गठित विशेष जांच टीम ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में सक्रिय फार्मास्युटिकल कंपनियों के नेटवर्क की जांच शुरू की। आरोप है कि फर्जी और अस्तित्वहीन कंपनियों के नाम पर दवाओं की सप्लाई दिखाकर उन्हें अवैध बाजार में पहुंचाया जाता था। इस नेटवर्क के तार पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक जुड़े मिले।
हिमाचल की दो इकाइयों से मिली बड़ी खेप
जांच के दौरान हिमाचल प्रदेश के काला अंब में डिजिटल विजन और वेलिंटन हेल्थकेयर की दो इकाइयों से बड़ी मात्रा में साइकोट्रॉपिक दवाएं और उनका कच्चा माल बरामद किया गया।
NCB के अनुसार, अब तक करीब 34 लाख साइकोट्रॉपिक टैबलेट, कोडीन आधारित कफ सिरप की 10.57 लाख बोतलें, ट्रामाडोल के 50 हजार एम्प्यूल, मिडाजोलम की 5,000 शीशियां और करीब 2,200 किलोग्राम साइकोट्रॉपिक पाउडर बरामद किया जा चुका है। मामले में अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
कंपनियों के खातों से घुमाई गई रकम
वित्तीय जांच में सामने आया कि कथित अवैध दवा कारोबार से हासिल रकम को जांच के दायरे में आई कंपनियों के बैंक खातों के माध्यम से अलग-अलग स्तरों पर स्थानांतरित किया गया। अब एजेंसी दवाओं की सप्लाई चेन के साथ-साथ पैसों के लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।
NCB का लक्ष्य दवा निर्माता कंपनियों, वितरकों, नेटवर्क संचालकों, फर्जी कंपनियों और वित्तीय मददगारों की भूमिका का पता लगाना है। फ्रीज की गई संपत्तियों को NDPS एक्ट के अध्याय 5-A के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सुरक्षित रखा गया है।
