एएम नाथ । शिमला । हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं की त्रिस्तरीय प्रणाली के चुनाव वार्ड पंच से जिला परिषद तक दिसंबर तक होने हैं। ऐसे में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इन चुनाव के लिए पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। प्रदेश में 249 जिला परिषद के वार्ड हैं और उनमें से 125 जिला परिषद वार्ड की सीमाओं में बदलाव होगा। प्रदेश में 10 नए ब्लॉक बनाए गए हैं जिनमें नई पंचायत समितियों को बनाया जाना है।
ऐसे में प्रदेश में ब्लॉक 91 हो गए हैं। एक ब्लॉक पर एक पंचायत समिति होती है। दस नए ब्लॉक बनने के कारण 25 ब्लॉक की सीमाओं और पंचायतों में अंतर आएगा।
इसके अलावा नए नगर निगम और नगर पंचायतों के बनने के कारण 42 पंचायतें कम हुई हैं जबकि योल कैंट क्षेत्र में चार नई पंचायतें बनी हैं। ऐसे में 46 पंचायतों की सीमाओं में बदलाव आएगा।
कुल 3615 पंचायतें : हिमाचलप्रदेश में ग्राम पंचायतों की कुल संख्या 3615 थी। पांच नए नगर निगम, नए नगर परिषद और और नई नगर पंचायतों के बनने के कारण 42 पंचायतें समाप्त समाप्त हो गई।
जबकि योल कैंट में चार नई ग्राम पंचायतों के ऐसे में अब प्रदेश में ग्राम पंचायतों की संख्या 3615 से कम होकर 3577 रह गई हैं। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया को राज्य चुनाव आयोग ने शुरू कर दिया है। ऐसे में अब पुनर्सीमांकन के अलावा अन्य प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।
हर पंचायत पर आता है 1.20 करोड़ खर्च : नई पंचायत पर 1.20 करोड़ सालाना खर्च नई पंचायतों को बनाने का काम ठंडे बस्ते में नई पंचायत को बनाने से एक पंचायत पर 1.20 करोड़ रुपए का खर्च आता है। ऐसे में नई पंचायतों को बनाने के आए 700 से अधिक प्रस्तावों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
पंचायतों की आय न के बराबर है जबकि प्रधान बनने की चाहतों ने नए प्रस्ताव भेजे बताए जा रहे हैं। जिसमें सात सौ से भी कम जनसंख्या और मतदाताओं के लिए अलग पंचायत बनाने के प्रस्ताव भेजे हैं।