मजीठा। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने सरकार पर 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए वादों को पूरा नहीं करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। अकाली कार्यकर्ताओं के स्वजनों की मौत पर दुख व्यक्त करने मजीठा आए मजीठिया ने पत्रकारों से बातचीत में आप सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि आप ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन तीन साल के शासन में यह सरकार अपने वादों से मुकर गई है। आप ने हर महिला को 1,000 रुपये प्रति माह देने की घोषणा की थी, सरकार ने अब तक इस योजना को शुरू नहीं किया है। वहीं, मजीठिया ने अवैध खनन को नियमित करके 20,000 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न करने के आप के वादे पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, सरकार न केवल खनन समस्याओं को सुलझाने में विफल रही, बल्कि 5,000 करोड़ रुपये या 7,000 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने में भी विफल रही। तीसरे वादे के संदर्भ में कहा कि आप ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का वादा किया था, लेकिन 2022 की अधिसूचना के बावजूद व्यावहारिक रूप से कोई प्रगति नहीं हुई है और कर्मचारी अब भी न्याय के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हैं।
मजीठिया ने युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के बजाय आप सरकार ने जम्मू-कश्मीर और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों के लोगों को छोटी-मोटी नौकरियां दे दी हैं।
मौके पर मजीठिया के साथ उनके राजनीतिक सलाहकार एडवोकेट रमेश पराशर, नगर परिषद मजीठा के अध्यक्ष सलवंत सिंह सेठ, उपाध्यक्ष प्रिंस नैय्यर, पार्षद बिल्ला अरतिया, युवा नेता मनप्रीत सिंह उप्पल, पटवारी दुर्गा दास, पप्पू कामरेड, चरणजीत सिंह गोला, दीपक, अजीत सिंह, जत्थेदार कवलजीत सिंह मजीठा, अजय चोपड़ा, नरेश कुमार मजीठा, डॉ. बिट्टू मजीठा, बिक्रम सिंह जलालपुरा सहित कई अकाली नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।
