चंडीगढ़ । पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ते (डीए/डीआर) के भुगतान में देरी को गंभीरता से लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है। अदालत ने मुख्य सचिव को 10 दिनों के भीतर अनुपालन हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया है कि 3 अगस्त के आदेश पर क्या कार्रवाई की गई। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि डीए बकाया मामले में सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसे दिवाली के तुरंत बाद सूचीबद्ध किए जाने की उम्मीद है।
वहीं, कर्मचारियों की ओर से पेश वकील ने राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए दलील दी कि जब कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वैध बकाये का भुगतान नहीं किया जा रहा, तो सरकार सार्वजनिक धन से मुफ्त योजनाओं पर खर्च कैसे जारी रख सकती है। उन्होंने अदालत से इस तरह के खर्च पर रोक लगाने की मांग भी की।
वरिष्ठ अधिवक्ता सनी सिंगला ने कहा कि 3 अगस्त के आदेश के बावजूद सरकार ने न तो डीए बकाये का भुगतान किया और न ही निर्धारित अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की। इसी कारण कर्मचारियों को दोबारा अदालत का रुख करना पड़ा।
गौरतलब है कि अक्टूबर में भी हाईकोर्ट ने आदेशों का पालन नहीं होने पर मुख्य सचिव पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। उस दौरान अदालत ने यह सवाल भी उठाया था कि कर्मचारियों के डीए/डीआर लाभ रोके जा रहे हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को ये लाभ मिल रहे हैं। अदालत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सरकार अपने कर्मचारियों के प्रति वित्तीय दायित्वों से पीछे नहीं हट सकती।
