चंडीगढ़ । पंजाब भाजपा में संगठनात्मक बदलाव को लेकर शुरू हुआ विरोध अब अनुशासनात्मक कार्रवाई तक पहुंच गया है। प्रदेश संगठन महामंत्री मंथरी श्रीनिवासुलू के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर आवाज उठाने और 29 अगस्त को संगरूर में ‘पंजाब भाजपा बचाओ पैदल यात्रा’ का आह्वान करने वाले तीन नेताओं को पार्टी की अनुशासन समिति ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
भाजपा के पूर्व जिला प्रधान मनिंदर कपियाल, रणदीप दियोल और पूर्व समन्वयक जतिंदर कालड़ा को यह नोटिस अनुशासन समिति के चेयरमैन सोम प्रकाश की ओर से जारी किया गया है। पार्टी ने नेताओं पर पार्टी लाइन से अलग सार्वजनिक बयान देने और संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। तीनों नेताओं से सात दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है।
संगरूर की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उठे सवाल
अनुशासन समिति के नोटिस के मुताबिक, संबंधित नेताओं ने 25 अगस्त को संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें भाजपा के आंतरिक मामलों और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर ऐसे बयान दिए गए, जिन्हें पार्टी ने स्थापित लाइन और अनुशासन के खिलाफ माना है।
भाजपा का कहना है कि इस तरह के सार्वजनिक बयानों से पार्टी की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और संगठनात्मक छवि पर प्रतिकूल असर पड़ा।
पार्टी ने नेताओं से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी व्यक्तिगत भूमिका क्या थी और संगठन से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक बयान देने के पीछे उनका उद्देश्य क्या था। इसके अलावा 29 अगस्त को प्रस्तावित ‘पंजाब भाजपा बचाओ पैदल यात्रा’ के आयोजन या उसमें भागीदारी को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
7 दिन में जवाब नहीं दिया तो कार्रवाई
नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि नेता निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो भाजपा के संविधान और नियमों के तहत बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
इस कार्रवाई को पंजाब भाजपा में संगठनात्मक बदलाव को लेकर चल रही अंदरूनी नाराजगी के बीच अहम कदम माना जा रहा है।
जिला अध्यक्षों के बदलाव से शुरू हुआ विवाद
पंजाब भाजपा में यह विवाद अगस्त के पहले सप्ताह में जिला अध्यक्षों में किए गए बदलाव के बाद तेज हुआ। पार्टी ने करीब 13 दिन पहले नियुक्त किए गए कई जिला अध्यक्षों को हटाकर नए चेहरों को जिम्मेदारी दी।
संगरूर में मनिंदर कपियाल की जगह सरजीवन जिंदल को जिला अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद कपियाल और उनके समर्थक नेताओं ने प्रदेश संगठन महामंत्री मंथरी श्रीनिवासुलू पर कथित तौर पर मनमानी और धक्केशाही के आरोप लगाए।
विरोध कर रहे नेताओं ने भाजपा हाईकमान से संगठन महामंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने और पुराने नेताओं के सम्मान को बहाल करने की मांग की थी। इसी क्रम में उन्होंने 29 अगस्त को संगरूर में ‘पंजाब भाजपा बचाओ पैदल यात्रा’ निकालने का ऐलान किया था।
जतिंदर कालड़ा बोले- अभी नोटिस नहीं मिला
वहीं, भाजपा के पूर्व समन्वयक जतिंदर कालड़ा ने कहा है कि उन्हें अभी तक पार्टी की अनुशासन समिति की ओर से कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।
पंजाब भाजपा में संगठनात्मक फेरबदल के बाद नेताओं की नाराजगी और अब कारण बताओ नोटिस जारी होने से पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। आने वाले दिनों में नेताओं के जवाब और पार्टी की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।
