मोहाली में 4 और 5 नवंबर को होंगे सेमीफाइनल, फाइनल और तीसरे स्थान के मैच; दर्शकों की एंट्री रहेगी मुफ्त
मोहाली, 21 अक्टूबर। पंजाब में पहली बार एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी को राज्य के लिए गर्व का अवसर बताते हुए मोहाली के मेयर सरबजीत सिंह ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से पंजाब में हॉकी सहित अन्य खेलों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
मीडिया को जारी बयान में मेयर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों से पंजाब को इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे राज्य की अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में पहचान मजबूत होगी।
जालंधर में लीग मुकाबले, मोहाली में फाइनल
मेयर सरबजीत सिंह ने बताया कि टूर्नामेंट के लीग मुकाबले 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर में खेले जाएंगे। इसके बाद 4 और 5 नवंबर को मोहाली में सेमीफाइनल, फाइनल और तीसरे स्थान के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।
टूर्नामेंट में भारत, बांग्लादेश, जापान, चीन, मलेशिया और दक्षिण कोरिया की टीमें भाग लेंगी। उन्होंने खेल प्रेमियों से अपील की कि वे स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं। उन्होंने बताया कि दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह मुफ्त रहेगा।
स्टेडियमों के उन्नयन पर खर्च होंगे करीब 25 करोड़ रुपये
मेयर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से करीब 25 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसमें से लगभग 16 करोड़ रुपये जालंधर के स्टेडियमों के उन्नयन पर और करीब 8.90 करोड़ रुपये मोहाली के स्टेडियमों पर खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और राज्य में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
40 हजार खिलाड़ियों को 135 करोड़ रुपये के पुरस्कार देने का दावा
सरबजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की गई ‘खेल क्रांति’ के तहत खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, राज्य सरकार अब तक करीब 40 हजार खिलाड़ियों को लगभग 135 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि वितरित कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि पंजाब में नए स्टेडियम भी बनाए जा रहे हैं। अकेले मोहाली में करीब 32 स्टेडियमों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और अपनी प्रतिभा निखारने के अधिक अवसर मिलेंगे।
माता-पिता से बच्चों को खेलों से जोड़ने की अपील
मेयर ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देना केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और खेलों को जनजीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रयासरत है।
