15 दिन में भुगतान के आदेश पर अमल न होने का मामला; सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है चुनौती
चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित महंगाई भत्ते (DA/DR) के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य के मुख्य सचिव को 5 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। मामला लंबित DA/DR किस्तों के भुगतान से जुड़ा है।
इससे पहले 3 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और PSPCL को कर्मचारियों व पेंशनर्स की लंबित DA/DR किस्तें केंद्रीय पैटर्न के अनुसार 15 दिन में जारी करने का निर्देश दिया था। भुगतान में देरी होने पर 6 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज का भी प्रावधान किया गया था। कोर्ट ने बकाया भुगतान होने तक बड़े पैमाने पर विज्ञापन जैसे गैर-उत्पादक खर्चों पर भी रोक लगाई थी।
पंजाब सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार का कहना है कि इतनी बड़ी राशि का इतनी कम अवधि में भुगतान करना वित्तीय और संवैधानिक रूप से संभव नहीं है तथा DA की दर तय करने का अधिकार राज्य सरकार के पास है।
इस बीच, 18 सितंबर को पंजाब सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के DA में 8 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की, जिससे DA 50 प्रतिशत हो गया। यह बढ़ोतरी दो 4-4 प्रतिशत किस्तों में लागू की जानी है। हालांकि, कर्मचारी संगठनों के अनुसार पुराने लंबित DA एरियर का मामला अलग से जारी है। अब मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी, जिसमें मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष पेश होना है।
