रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी के गठन को कैबिनेट की मंजूरी; रणजीत सागर और शाहपुरकंडी बांध क्षेत्र का होगा सुनियोजित विकास
चंडीगढ़, 5 अक्तूबर: जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे पंजाब के पठानकोट जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंजाब मंत्रिमंडल ने रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) विधेयक-2026 के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार का लक्ष्य पठानकोट और इसके आसपास के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित करना है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि प्रस्तावित प्राधिकरण के माध्यम से रणजीत सागर बांध और शाहपुरकंडी बांध के आसपास के क्षेत्रों को योजनाबद्ध तरीके से पर्यटन के लिए विकसित किया जाएगा। विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ पर्यटन को प्राथमिकता देने की योजना है।
पर्यटन विकास के लिए वैधानिक निकाय
सरकार के अनुसार रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाला वैधानिक निकाय होगा। प्राधिकरण को क्षेत्र के एकीकृत विकास, भूमि प्रबंधन, विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा पर्यटन स्थलों के संचालन और प्रबंधन से जुड़े अधिकार दिए जाएंगे।
इसके लिए प्राधिकरण को आवश्यक प्रशासनिक, वित्तीय और नियामक शक्तियां उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव है, जिससे विभिन्न विकास परियोजनाओं को एक समन्वित योजना के तहत आगे बढ़ाया जा सके।
मुख्यमंत्री होंगे अध्यक्ष
प्रस्तावित प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान होंगे, जबकि पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कार्यकारी समिति प्राधिकरण के दैनिक कामकाज और विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय की निगरानी करेगी।
सरकार का मानना है कि प्राधिकरण के गठन से पठानकोट क्षेत्र में पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने और रणजीत सागर तथा शाहपुरकंडी बांध क्षेत्रों की पर्यटन क्षमता का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी।
